द दून स्कूल का नाम क्लैट रिजल्ट से एक बार फिर चमका है। स्कूल के दो छात्रों ने परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। दोनों ही छात्रों के अपने सपने हैं। क्लैट का सीट आवंटन सात जून को जारी होगा। देश के 19 लॉ विवि में इससे दाखिला होगा। कॅरियर लांचर के निदेशक अमित मित्तल के मुताबिक अगर किसी को पहली सूची से दाखिला नहीं मिल पाता है तो चौथी सूची आने तक कटऑफ डाउन हो जाती है।
Clat Result 2018: टॉपर्स की जुबानी जानिए उनकी सफलता की कहानी, काम आएंगे सक्सेस टिप्स
तीसरी पीढ़ी आएगी वकालत में
क्लैट में ऑल इंडिया 75वीं रैंक हासिल करने वाले दून स्कूल के छात्र विराज गौड़ अपनी तीसरी पीढ़ी के युवा हैं जो कि वकालत में आएंगे। इससे पहले उनके पिता एडी गौड़ चंडीगढ़ में जज रह चुके हैं जबकि दादा हरियाणा में एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। विराज के मुताबिक 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद एक माह में उन्होंने जमकर क्लैट की तैयारी की। आठ से दस घंटे पढ़ाई की। सिलेबस पूरा किया। जनरल नॉलेज अपडेट किया। नतीजा सामने है। विराज का कहना है कि वह लॉ करने के बाद अपने जीवन में समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं।
अधिवक्ता के बेटे ने पाई 207वीं रैंक
दून स्कूल के छात्र जेहान जवेरी के लिए उनकी माता आदर्श हैं। उनकी माता कुंती अधिवक्ता हैं। जेहान ने बताया कि अपनी मां से प्रेरणा लेकर ही उन्होंने क्लैट की तैयारी की थी। 95.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास करने वाले जेहान ने बताया कि वह 11वीं से ही क्लैट की तैयारी में जुटे हुए थे। उनके पिता अंकित जवेरी बिजनेसमैन हैं। जेहान का मकसद अपनी माता की तरह ही कामयाब अधिवक्ता बनना है।
एनएलयू दिल्ली में दाखिला लेंगे सागर
कैनाल रोड निवासी सागर अरोड़ा एनएलयू दिल्ली में दाखिला लेंगे। उन्होंने परीक्षा में 484वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले वह ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट में 50वीं रैंक हासिल कर चुके हैं। उनके पिता संजीव कुमार अरोड़ा अधिवक्ता हैं जबकि मां श्वेता गृहिणी हैं। उन्होंने भी क्लैट की एक साल तक तैयारी की लेकिन इस बीच एलैट में चयन होने पर एनएलयू दिल्ली जा रहे हैं।
होटल संचालक के बेटे ने पाई 393वीं रैंक
श्रीनगर गढ़वाल निवासी होटल संचालक जगदीश चमोला के बेटे कार्तिकेय ने क्लैट में 393वीं रैंक पाई है। कार्तिकेय ने 10वीं तक की पढ़ाई श्रीनगर से करने के बाद 12वीं दून इंटरनेशनल से पास की है। क्लैट की तैयारी के लिए वह दून में रहे। कार्तिकेय का कहना है कि उनका सपना अब पूरा होने जा रहा है। कार्तिकेय की माता प्रमिला जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं।
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