सीबीएसई 10वीं के नतीजे जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में कई छात्रों ने अच्छे नंबर लाकर अपने माता-पिता के साथ शहर का नाम भी रौशन किया है। आज हम आपको ऐसे ही 5 टॉपर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने जज्बे और जुनून से सबको प्रेरित किया है।
मथुरा जिले में 99 फीसदी अंक पाकर टॉपर बनीं सौम्या सिंह डॉक्टर बनना चाहती हैं। जिससे गरीब तबके के लोगों को इलाज के अभाव में मरने से बचा सके। सौम्या सिंह को बैडमिंटन खेलना काफी पसंद है।
98.2 फीसदी के साथ वाराणसी की सेकेंड टॉपर शिवांगी यादव ने कहा कि कोई स्ट्रिक्ट टाइमटेबल नहीं था। टाइमटेबल से पढ़ाई में सहूलियत से ज्यादा दबाव होता है इसलिए मैंने कभी टाइमटेबल नहीं बनाया। हां, ये जरूर है कि सोने से पहले अगले दिन क्या पढ़ना है, ये जरूर निर्धारित करती थी और मेरी सफलता के पीछे इसने ज्यादा काम किया। सेकेंड टॉपर शिवांगी फिलहाल आईआईटी जेईई क्रैक करना चाहती हैं।
98.8 फीसदी अंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉप करने वाले पंचकूला के राहुल जस्सल का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई के लिए कभी टेंशन नहीं ली और स्कूल से मिले होमवर्क को मन लगाकर पूरा करता था। राहुल आईआईटी की तैयारी के लिए चंडीगढ़ से कोचिंग कर रहे हैं। उनके पिता सुभाष चंद्र भेल फैक्ट्री में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर तैनात हैं और मां मधुबाला हाउस वाइफ हैं।
फिरोजाबाद जिले में 98.6 फीसद के साथ टॉपर रहे एशियन स्कूल के छात्र उमेश वर्मा इंजीनियर बनना चाहते हैं। उमेश ने बताया कि कॉलेज समय के बाद रोज 10 घंटे पढ़ाई कर मुकाम हासिल किया। खेलना और पढ़ना उसका शौक है।
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