{"_id":"5aa0c73d4f1c1b0d658b61ef","slug":"boney-kapoor-and-anil-kapoor-complete-sridevi-wish-in-haridwar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"श्रीदेवी की मौत के बाद आज पति बोनी कपूर ने अनिल कपूर संग पूरी की उनकी यह विश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीदेवी की मौत के बाद आज पति बोनी कपूर ने अनिल कपूर संग पूरी की उनकी यह विश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 08 Mar 2018 06:24 PM IST
विज्ञापन
Sridevi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज बृहस्पतिवार को अभिनेत्री श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और देवर अनिल कपूर हरिद्वार पहुंचे । वह यहां अपने गुरु स्वामी अवधेशानंद के सानिध्य में पूजा-अर्चना करेंगे।
विज्ञापन
फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में भी विसर्जित की गई। परिजन श्रीदेवी की हरिद्वार आने की इच्छा के कारण यहां आकर अस्थि विसर्जन और प्रार्थना सभा करा रहे हैं।
विज्ञापन
बीती 24 फरवरी को फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में निधन हो गया था। वर्ष 1993 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी कुछ देर के लिए हरिद्वार में रुकी थीं। शूटिंग के दौरान यहां से गुजरते हुए श्रीदेवी ने फिल्म यूनिट के साथ हरिद्वार में रुकने की जिद की थी।
विज्ञापन
फिर वो कभी हरिद्वार नहीं आ र्पाईं
sridevi boney kapoor
तब श्रीदेवी ने मां गंगा का आशीर्वाद लेकर दोबारा हरिद्वार आने की इच्छा जताई थी, लेकिन फिर वो कभी हरिद्वार नहीं आ र्पाईं। बोनी कपूर के स्थानीय मित्र वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बोनी कपूर और अनिल कपूर हरिद्वार पहुंचेंगे।
दोपहर साढ़े 12 बजे वो जौलीग्रांट पहुंचे और इसके बाद गुरु स्वामी अवधेशानंद के आश्रम गए।
उन्होंने बताया कि बोनी कपूर रामेश्वरम में उनकी अस्थियां विसर्जित कर चुके हैं, लेकिन हिंदु धर्म में अस्थियों के एक टुकड़े को आत्मा की शांति के लिए किसी अन्य स्थान पर भी विसर्जित किया जा सकता है, इसी लिए अब हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित की गईं।
दोपहर साढ़े 12 बजे वो जौलीग्रांट पहुंचे और इसके बाद गुरु स्वामी अवधेशानंद के आश्रम गए।
उन्होंने बताया कि बोनी कपूर रामेश्वरम में उनकी अस्थियां विसर्जित कर चुके हैं, लेकिन हिंदु धर्म में अस्थियों के एक टुकड़े को आत्मा की शांति के लिए किसी अन्य स्थान पर भी विसर्जित किया जा सकता है, इसी लिए अब हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित की गईं।