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दृष्टिबाधित प्रकाश और शीतल चढ़ेंगे यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस, ऐसे ले रहे ट्रेनिंग

Fri, 28 Feb 2020 09:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 28 Feb 2020 09:21 PM IST
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Blind Mountaineer prakash and sheetal will climbs Europe Highest peak mount elbrus
- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी पर्वतारोही प्रकाश चंद और शीतल जून में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह करेंगे। इसके लिए एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल दृष्टिबाधित पर्वतारोही प्रकाश चंद और स्थानीय युवाओं को पर्वतारोहण की बारीकियां सिखा रहे हैं।  

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- फोटो : अमर उजाला

योगेश गर्ब्याल ने प्रकाश चंद को आदि कैलाश, मालपा, बूंदी, गर्ब्यांग, आदि कैलाश ट्रैक मार्ग, ओम पर्वत ट्रैक मार्ग, सीनलापास, पंचाचूली बेस कैंप, चौदास वैली, दारामा वैली रालमधूरा पास में पर्वतारोहण की ट्रेनिंग दे रहे हैं। मूल रूप यमुना विहार निवासी प्रकाश दृष्टिबाधित पर्वतारोही हैं। वो वर्तमान में ओएनजीसी में इंजीनियर पद पर तैनात हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला

प्रकाश ने नवंबर 2018 में एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल और शीतल के साथ 4200 मीटर तक सफल आरोहण भी किया था। इसके लिए प्रकाश के सामने कभी दिव्यांगता आड़े नहीं है। अब प्रकाश एवरेस्ट विजेता शीतल के साथ यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रूस 5548 पर चढेंगे। प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने उनको इसके लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला

प्रकाश चंद बचपन से पहाड़ चढ़ने के शौकीन रहे हैं। वर्ष 1998 में प्रकाश तीन मंजिला मकान की छत से गिर गए थे। इस हादसे में उनकी आंखें काफी कमजोर हो गई थीं। उन्होंने आंखों का इलाज कई जगह कराया, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी नहीं लौटी। 

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- फोटो : अमर उजाला

प्रकाश चंद ने बताया कि पहाड़ चढ़ने का शौक होने के कारण उन्होंने कई माउंटेनियरिंग कंपनियों से संपर्क किया। लेकिन, ज्यादातर कंपनियों ने दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें मना कर दिया। ऐसे में एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल ने उनका साथ दिया।

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