अगर आप परिंदों की खूबसूरती, उनकी आवाज के दीवाने हैं, तो आपके लिए उत्तराखंड से शायद की कोई बेहतर जगह हो। यहां पर पक्षियों का एक खूबसूरत संसार है, जहां पर सात सौ अलग- अलग तरह के परिंदे हवा में परवाज करते हैं।
देखना है परिंदों का रंग-बिरंगा संसार, तो यहां आइए, देखकर नजरें नहीं हटा पाएंगे
अब इन परिंदों को दुनिया से वाकिफ कराने के लिए वन विभाग बर्ड फेस्टिवल करने जा रहा है। 9 से 11 मार्च तक चलने वाले बर्ड फेस्टिवल में चिड़ियों का दीदार कराने के अलावा पक्षी प्रेमियों के ठहरने से लेकर खानपान और उत्तराखंड की संस्कृति से भी रूबरू कराने का खास इंतजाम किया जा रहा है।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज के अनुसार विदेशों में बर्ड फेस्टिवल का भव्य तौर पर होता है, जिससे टूरिज्म को प्रमोट किया जाता है, हम भी उसी तर्ज पर टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए काम कर रहे हैं। हमारे पास तो अकूत संभावनाएं है.. देखिए पूरे देश में 1300 चिड़ियों की अलग-अलग प्रजाति मिलती है, इसमें 700 तो हमारे राज्य में है।
इन खूबसूरत परिंदों के बारे में देश-दुनियां के लोग जाने और हमारे क्षेत्र की ब्रांडिंग हो, उसके लिए बर्ड फेस्टिवल की योजना बनाई गई है। अभी हमने देहरादून वन प्रभाग के थानों और हरिद्वार वन प्रभाग के झिलमिल झील के क्षेत्र को फाइनल किया है। जहां बर्ड वाचिंग के लिए लोगों को ले जाया जाएगा। यहां पर आने वाले मेहमानों की मेजबानी के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मेहमानों के ठहरने के लिए टेंट कालोनी भी बनाई जाएगी।
वन विभाग की बर्ड फेस्टिवल को कार्निवाल की तरह आयोजित करने की योजना है। इसमें मेहमानों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा जाएगा। उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। खानपान में पहाड़ी व्यंजन खासतौर पर परोसे जाएंगे। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए पक्षियों से जुड़ी कार्यशालाएं, क्विज भी आयोजित होंगे।