प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 20 हजार आउटसोर्स कर्मियों को राहत दी है। सरकार ने कार्मिक विभाग के अप्रैल में जारी उस शासनादेश में संशोधन कर दिया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मियों के अनुबंध नवीनीकरण के समय रोटेशन प्रक्रिया अपनाने का प्रावधान था। अब सरकार ने शासनादेश से इस प्रावधान को हटा दिया है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को नया शासनादेश जारी कर दिया है।
20 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत, पढ़ेंगे तो खुशी का नहीं रहेगा ठिकाना
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इससे पूर्व उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी से उनके कार्यालय में मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने आउटसोर्स कर्मियों के शासनादेश में संशोधन की मांग को दोहराया था। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने कार्मिक विभाग को शासनादेश में संशोधन करने के निर्देश दिए। दोपहर बाद कार्मिक विभाग ने संशोधन का शासनादेश जारी कर दिया।
सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को जारी शासनादेश में कहा गया है कि गत 27 अप्रैल को जारी शासनादेश से ‘आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा पूर्व से नियोजित व्यक्ति के अनुबंध नवीनीकरण के समय रोटेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी’ वाक्य को हटाने का निर्णय लिया गया है। मोर्चा के प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडेय ने बताया कि अपर मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया है कि उक्त आदेश के क्रम में किसी भी कार्मिक को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।
उपनल कर्मचारी महासंघ के मीडिया प्रभारी हेमंत रावत ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इसकी आड़ में अधिकारी आउटसोर्स कर्मियों का शोषण कर रहे थे। इसलिए इसे हटाया जाना जरूरी था। प्रतिनिधिमंडल में रामचंद्र रतूड़ी, रवि पचौरी, बनवारी सिंह रावत, ओमवीर सिंह, रमेश नेगी, राकेश मंमगाई, एसपी राणाकोटी, सीपी सुयाल, अंजू बडोला, गुड्डी मटूड़ा, दीपक चौहान, भावेश जगूड़ी, हेमंत रावत शामिल थे।
मोर्चा ने अपर मुख्य सचिव से 10 साल व उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन भोगी, हैंड रसीद कर्मियों के लिए एक नियमावली बनाने का अनुरोध किया। मोर्चा ने कहा कि नियमावली में ऐसे प्रावधान हों ताकि लंबी अवधि तक सेवा करने के बाद कार्मिकों को हटाया न जा सके, क्योंकि अपनी आयु का एक बड़ा हिस्सा सेवा में गुजारने के बाद हटाए जाने से ऐसे कार्मिक कहीं के नहीं रहेंगे। अपर मुख्य सचिव ने इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया।