शास्त्र एवं पुराणों के अनुसार निशीथ व्यापिनी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। लेकिन इस बार महाशिवरात्रि में भोले के भक्त असमंजस में हैं।
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महाशिवरात्रि 2018: शिवभक्तों में इस बात को लेकर असमंजस, सही जानकारी यहां पढ़ें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 13 Feb 2018 07:51 AM IST
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शिवरात्री
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महाशिवरात्री
- फोटो : shivharsh
चतुर्दशी तिथि दो दिन होने की वजह से लोग असमंजस में हैं कि व्रत किस दिया किया जाए। कुछ मंदिरों में यह व्रत 14 फरवरी को भी किया जा रहा है। हालांकि ज्योतिषयों के अनुसार 13 फरवरी को व्रत करना शास्त्र सम्मत रहेगा।
महाशिवरात्रि
- फोटो : फाइल फोटो
धर्म सिंधु के अनुसार चतुर्दशी तिथि दूसरे दिन निशीथ काल में आंशिक रूप से व्याप्त हो और पहले दिन संपूर्ण भाग को व्याप्त करे तो महाशिवरात्रि का व्रत पहले दिन करना चाहिए।
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राजधानी में रही महाशिवरात्रि पर्व की धूम
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आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन चतुर्दशी तिथि 13 फरवरी को पूर्ण रूप से निशीथ व्यापिनी है, जबकि 14 फरवरी को रात 12.13 मिनट से 12.48 मिनट तक निशीथकाल में आंशिक व्याप्त है। ऐसे में यह व्रत 13 फरवरी को करना चाहिए।
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शिवरात्रि पर जलाभिषेक करते श्रद्घालु
- फोटो : Amar Ujala
आचार्य सुशांत राज के अनुसार चतुर्दशी तिथि 13 फरवरी को रात्रि 10.34 मिनट पर आरंभ होगी और 14 फरवरी को रात्रि 12.46 मिनट पर समाप्त होगी।