स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री ने सख्ती दिखाई है। शिक्षकों के लिए एक नया फरमान जारी हुआ है जिसके बाद अब शिक्षकों की नींद उड़ जाएगी।
सरकार ने स्कूलों के लिए जारी किया नया फरमान, जिसके बाद अब उड़ जाएगी शिक्षकों की नींद
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बोर्ड परीक्षा में खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं अच्छा परिणाम देने वाले स्कूलों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को सरकार सम्मानित करेगी।सोमवार को सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश स्कूलों का रिजल्ट बहुत अच्छा रहा है। कई स्कूल ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षों से लगातार बहुत अच्छा परिणाम दे रहे हैं।
शिक्षकों के प्रयास और छात्र-छात्राओं की मेहनत से यह स्कूल लगातार बेहतर परिणाम दे रहे हैं। वहीं कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जहां रिजल्ट साल दर साल गिर रहा है। तमाम प्रयासों के बाद भी कुछ स्कूलों के रिजल्ट में कोई सुधार नहीं हुआ है। ऐसे स्कूलों के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड बोर्ड कि इस वर्ष हुई हाईस्कूल परीक्षा में पांच स्कूल ऐसे भी रहे हैं, जहां से एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है। इसमें राजधानी देहरादून का साधु राम इंटर कॉलेज, टिहरी गढ़वाल का जीएचएसएस बाहरपुर व पिनस्वार, चमोली का जीएचएसएस किमाणा और चंपावत का जीएचएसएस कंयूरा शामिल है। इंटरमीडिएट में किसी भी विद्यालय का परीक्षा परिणाम शून्य नहीं रहा है।
प्रदेश में एक विद्यालय ऐसा भी है, जहां से पिछले तीन वर्षों से हाईस्कूल में एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है। यह विद्यालय है चमोली जिले का जीएचएसएस किमाणा। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016, 2017 और 2018 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में विद्यालय से एक भी छात्र-छात्रा उत्तीर्ण नहीं हुई है। हालांकि अधिकारियों ने तर्क दिया है कि इस विद्यालय में केवल एक छात्रा थी, जो फेल हो गई।