नए साल में देश को एक और तोहफा मिलने वाला है। उड़ीसा की भीतर कनिका सैंक्चुरी देश का आठवां प्राकृतिक वर्ल्ड हेरिटेज बनने जा रही है। यहां पर ओलिव रिडले नाम के कछुवे लाखों की तादाद में आते हैं और अंडे देते हैं।
ये स्थल इन कछुवों को क्यों भाता है, यह प्रकृति का रहस्य है। दुनिया का यही इकलौता समुद्र तट है जहां इतनी बड़ी संख्या में ओलिव रिडले आते हैं। इसे वर्ल्ड हेरिटेज बनाए जाने के संबंध में यूनेस्को ने हरी झंडी दे दी है, अब सिर्फ प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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- फोटो : INDIAWATEPORTAL
देहरादून स्थित विश्व के पहले यूनेस्को प्राकृतिक विश्व विरासत केंद्र केटगरी-2 ने उड़ीसा में भीतर कनिका सैंक्चुरी को प्राकृतिक विश्व धरोहर बनाए के संबंध में प्रस्ताव यूनेस्को के समक्ष प्रस्तुत किया था। इस पर यूनेस्को और आईसीयूएन की टीम ने इस क्षेत्र का दौरा किया।
लाखों की संख्या में समुद्र तट पर धूप में आराम फरमाते कछुवों का दृश्य देख यूनेस्को की टीम मंत्रमुग्ध हो गई और इसे ‘चमत्कारिक’ बताया। विश्व में यही एक ऐसी जगह हैं, जहां इतनी बड़ी संख्या में और एक ही समय में कछुवे अंडे देेने के लिए आते हैं।
ओलिव रिडले कछुवे इस तट पर अक्तूबर-नवंबर के महीने में आते हैं और अप्रैल तक यहां रहते हैं। इसके बाद फिर समुद्र के अंदर चले जाते हैं। लाखों कछुवों को एक साथ मौज-मस्ती करते हुए देखने के लिए विश्व भर के पर्यटक इस सीजन में यहां आते हैं।