उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक भारत बंद रहा बेअसर, लेकिन डर से बना कर्फ्यू जैसा माहौल, तस्वीरें...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत बंद के आह्वान से एक दिन पूर्व जिले में लगाई गई धारा-144 बवाल को रोकने में सुरक्षा कवच साबित हुई। लोगों में इस बात का खौफ बना रहा कि 144 लागू है और समूह में भी बाहर निकले तो पुलिस तुरंत एक्शन ले लेगी। यही डर पुलिस प्रशासन के काम आया। दूसरी ओर, पुलिस ने दो अप्रैल को हुए बवाल से भी सबक लेती दिखी।
सोशल मीडिया पर आरक्षण के विरोध में मंगलवार को आहूत भारत बंद का पहाड़ में आंशिक असर रहा। टिहरी जिले के घनसाली-नैनबाग, चमोली के देवाल, पौड़ी के किशनपुर में बाजार सांकेतिक रूप से बंद रहे। अन्य जिलों में बंद पूरी तरह बेअसर रहा। हालांकि बंद के आह्वान को देखते हुए जिलों में पुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया था। संवेदनशील स्थानों में खास चौकसी की गई थी।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में कोई असर नहीं रहा। कोटद्वार के साथ ही दुगड्डा, सतपुली और अन्य कस्बों में आम दिनों की भांति व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे। भारत बंद को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। शहर के सभी चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, झंडाचौक, लालबत्ती चौक पर पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। सीओ कोटद्वार जोधराम जोशी खुद शहर में नजर बनाए हुए थे।