भारी बारिश की वजह से मंगलवार रात को हाथी पर्वत पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे जोशीमठ के लोग दहशत में आ गए। लोगों ने जागकर रात काटी। वहीं भूस्खलन के कारण पानी के साथ मलबा बदरीनाथ हाईवे पर आ गया और वह बंद हो गया।
मंगलवार रात को क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई। आधी रात को जोशीमठ के मारवाड़ी वार्ड के सामने हाथी पर्वत पर भारी भूस्खलन हो गया। तेज आवाज के साथ पहाड़ी से पानी के साथ मलबा बदरीनाथ हाईवे पर आने से मारवाड़ी क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए।
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रात में अंधेरा होने के कारण लोगों को सही स्थिति का पता नहीं चल पाया जिससे लोग रातभर जागते रहे। नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने बताया कि हाथी पर्वत पर हुए भूस्खलन से नगर को कोई खतरा नहीं है। उधर बीआरओ के कमांडर कर्नल अंकुर महाजन ने बताया कि बुधवार सुबह मलबा हटाकर हाईवे सुचारू कर दिया गया।
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हाथी पर्वत से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बुधवार को दिनभर बंद और खुलता रहा। हाथी पर्वत के साथ ही बाजपुर, छिनका, टैय्या पुल और लामबगड़ में हाईवे बेहद तंग हालत में पहुंच गया है।
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हाथी पर्वत से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने और आने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ और एनएचआईडीसीएल की ओर से सुबह होते ही हाईवे को खोलने का काम शुरू किया गया। सुबह दस बजे के करीब सभी जगह से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया गया।
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बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
उधर, भारी बारिश के चलते चमोली जनपद में जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से 16 ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। जिससे ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
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बदरीनाथ हाईवे पर छिटक रहे पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
चमोली-लासी-सरतोली और चमोली-खेनुरी सड़क के अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को करीब आठ किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। नंदानगर, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, पोखरी क्षेत्र में भी सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं।