सरकारी कर्मचारियों के लिए जारी हुआ नया फरमान, पढ़ लें नहीं तो फिर पछताएंगे
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विधानसभा में ध्वनिमत से पारित प्रवर समिति की सिफारिश पर पेश संशोधित उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण विधेयक 2017 में यह प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम प्रदेश के सभी विभागों, निगमों, व नगर निकायों आदि में भी लागू किया जा सकेगा।
संशोधित विधेयक में यह व्यवस्था है कि अगर कोई अपना तबादला रुकवाने के लिए परिजनों का आवेदन इस्तेमाल करता है तो इसको कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल में रखा जाएगा और ऐसे आवेदनों को आगे नहीं भेजा जाएगा। इसके बाद उन पर उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 203 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि, हर साल 31 मार्च से तबादला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विधेयक में अनिवार्य तबादलों में सुगम से दुर्गम व दुर्गम से सुगम में तबादले से छूट के मामलों में कई गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। विधेयक में जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक तैनाती वाले विभागों के लिए दुर्गम-सुगम के मानक निर्धारित करने के लिए अगल-अलग स्तर की समितियों का प्रावधान किया गया है।