फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

स्मृति शेष: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी यहां बनाना चाहते थे अपना घर, पीछे थी ये वजह

Sat, 18 Aug 2018 10:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी Updated Sat, 18 Aug 2018 10:30 AM IST
विज्ञापन
atal bihari vajpayee passed away he wants to make home in this place
atal bihari vajpayee - फोटो : amar ujala

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की यादें टिहरी से भी जुड़ी हैं। दो बार पुरानी टिहरी आए पूर्व प्रधानमंत्री ने पृथक उत्तराखंड राज्य के लिए कोशिश करने की बात भी कही थी।

atal bihari vajpayee passed away he wants to make home in this place
atal bihari vajpayee
1980 में गंगोत्री जाने से पहले जब वह यहां आए तो पहाड़ के प्राकृतिक सौंदर्य से इतने अभीभूत हुए। दूसरी बार टिहरी पहुंचे पूर्व पीएम का लायंस क्लब में स्वागत किया गया था और उन्होंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित किया था। 

 
atal bihari vajpayee passed away he wants to make home in this place
atal bihari vajpayee

वर्ष 1980 में ग्वालियर से लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह गंगोत्री यात्रा पर आए थे। गंगोत्री जाने से पहले अटल जी तब भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे सुरेशचंद जैन के घर पुरानी टिहरी में रुके थे। इस दौरान उन्हें टिहरी जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र चंबा काफी पसंद आया तो उन्होंने यहां अपना आवास बनाने की इच्छा जताई थी। लेकिन उसके बाद इस बारे में उन्होंने कोई चर्चा नहीं की।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
atal bihari vajpayee passed away he wants to make home in this place
atal bihari vajpayee

अधिवक्ता सुरेश चंद जैन ने बताया कि जब वह पठानी सूट पहनकर पुरानी टिहरी उनके घर आए थे तो सूट पहनने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा था कि वह किसी राजकीय यात्रा पर नहीं है। उसके बाद उन्होंने धोती और कुर्ता पहन लिया था। उन्होंने बताया कि गंगोत्री में स्नान-ध्यान करने के बाद लौटते समय उन्होंने हर्षिल में कुछ दिनों तक अकेले रहने की मंशा जताई थी। तब उनके साथियों ने कहा कि गुलाब की खुशबू को रोका नहीं जा सकता, इसलिए उन्होंने यह इरादा टाल दिया।
 

विज्ञापन
atal bihari vajpayee passed away he wants to make home in this place
atal bihari vajpayee

वर्ष 1985 में वह दूसरी बार पुरानी टिहरी आए थे, उस समय यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कल्याण सिंह भी उनके साथ थे। तब लायंस क्लब में उनका स्वागत किया गया। रामलीला मैदान में उन्होंने एक जनसभा भी संबोधित की थी। सुरेश चंद जैन ने एक संस्मरण सुनाते हुए बताया कि एक बार दिल्ली अटल जी के आवास पर पर्यावरविद् सुंदरलाल बहुगुणा को उनसे मिलाया तो उन्होंने कहा था कि बहुगुणा जी से बहुत डर लगता है, वह कई दिनों तक अनशन पर बैठ जाते हैं।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed