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सेना दिवस 2019: उत्तराखंड ने देश को दिए एक नेवी प्रमुख, दो थलसेना अध्यक्ष

Tue, 15 Jan 2019 01:04 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 15 Jan 2019 01:04 PM IST
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army day 2019 Uttarakhand give a Navy chief, two army chiefs to the country
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वर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सहित उत्तराखंड ने देश को दो सेना प्रमुख और एक नौसेना प्रमुख दिए हैं। इसके अलावा डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन का पद संभालने वाले अनिल भट्ट भी उत्तराखंड निवासी हैं।

 

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सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत - फोटो : ANI

जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख
जनरल बिपिन रावत थलसेना के प्रमुख हैं। उन्होंने 31 दिसंबर 2016 को थल सेनाध्यक्ष का पद संभाला था। उनका जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले में रावत राजपूत वंश में हुआ। इनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत सेना से लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। रावत ने 11वीं गोरखा राइफल की पांचवीं बटालियन से 1978 में अपने करियर की शुरुआत की थी। जनरल रावत ने देहरादून में कैंब्रियन हॉल स्कूल, शिमला में सेंट एडवर्ड स्कूल और भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से शिक्षा ली। यहां उन्हें सर्वश्रेष्ठ सोर्ड ऑफ ऑनर सम्मान से भी नवाजा गया।

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जनरल बिपिन चंद्र जोशी, पूर्व सेना प्रमुख

जनरल बिपिन चंद्र जोशी, पूर्व सेना प्रमुख
अल्मोड़ा के मल्ला दन्यां मोहल्ले ने भी देश को एक सेनाध्यक्ष दिया है। यहां के जनरल बिपिन चंद्र जोशी 1993-94 के दौरान थल सेनाध्यक्ष रहे। वह एकमात्र ऐसे जनरल रहे, जिनकी कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी याद में दन्यां कस्बे में एक स्मारक भी स्थापित है। जनरल बिपिन चंद्र जोशी का जन्म अल्मोड़ा के दन्या मोहल्ले में 5 दिसंबर 1935 को तत्कालीन सेल टैक्स अफसर हेमचंद्र जोशी के घर पर हुआ था।

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डीजीएमओ अनिल कुमार भट्ट - फोटो : SELF

ले. जन. अनिल कुमार भट्ट, डीजीएमओ
मूलरूप से टिहरी गढ़वाल के खतवाड़ गांव निवासी ले. जनरल अनिल कुमार भट्ट को गत वर्ष डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) बनाया गया है। उनके पिता सत्यप्रकाश भट्ट ने लंबे समय तक सेना में सेवाएं दीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मसूरी के हेंपटनकोर्ट और कान्वेंट स्कूल सेंट जॉर्ज कॉलेज से हुई। गोरखा राइफ ल्स में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद उन्हें डीजीएमओ बनाया गया था। उनका परिवार करीब पांच दशक से मसूरी में ही रहता है। एके भट्ट मसूरी में क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में भी प्रसिद्ध हैं।

 

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देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू

पिथौरागढ़ के पहले महावीर चक्र विजेता दानू
देश के पहले महावीर चक्र विजेता दीवान सिंह दानू भी उत्तराखंड के थे। वह पिथौरागढ़ के पुरदम निवासी थे जो कि सेना में सिपाही थे। दानू ने आजादी के तुरंत बाद कबायली हमलावरों से बडगाम हवाई अड्डे को बचाने के ऑपरेशन में साहस का परिचय दिया। उन्होंने 15 कबायलियों को मौत के घाट उतारा था। इस ऑपरेशन में दानू को मरणोपरांत महावीर चक्र से नवाजा गया। उनकी शहादत का सम्मान करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उनके पिता उदय सिंह को पत्र भी लिखा था।

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