हर्षल फाउंडेशन, दून संस्कृति और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग सहायता बहुउद्देश्यीय शिविर के पहले दिन करीब 1200 दिव्यांगों ने पंजीकरण कराया। पहले दिन दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण वितरित करने के साथ-साथ 20 सेवाओं का लाभ दिया गया। सुबह शिविर में उम्मीद लेकर पहुंचे दिव्यांग शाम को खुशियां लेकर लौटे।
शनिवार को अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित शिविर का मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, राजपुर विधायक खजान दास, आयोजक रमा गोयल, अमृत लाल, श्याम सुंदर गोयल, एम्स ऋषिकेश के डीन (सीएसआर) डा. वीरेंद्र सिंह और डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह दिव्यांगों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
दिव्यांगों में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रयास जारी रहने चाहिए। इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज सेवा एक कठिन कार्य है, यही कार्य सबसे अधिक आत्म संतुष्टि देता है।
उन्होंने शिविर के आयोजन में सहयोग करने वाली सामाजिक संस्थाओं की जमकर सराहना की। कौशिक ने कहा कि ऐसी सामाजिक संस्थाओं की मदद भी की जाएगी। शिविर में विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए करीब 1200 दिव्यांगों ने पंजीकरण कराया। एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने के लिए भी 350 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया।
रविवार को भी दिव्यांग शिविर का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण के बाद दिव्यांगों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, कृत्रिम हाथ-पैर लगाने, व्हील चेयर आदि मुहैया कराई जाएंगी। शिविर सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक अग्रवाल धर्मशाला में चलेगा।