शराब के शौकीनों के लिए सरकार ने एक नया फरमान जारी किया है। पढ़ लीजिए, काम आएगा...
प्रदेश में डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब बेचे जाने का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट के फैसले के बाद इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक जिन स्टोर्स, मॉल्स का न्यूनतम टर्नओवर 50 लाख रुपये है, वहां शराब बेचने के लिए लाइसेंस लिया प्राप्त किया जा सकता है। इससे पहले आबकारी नीति में न्यूनतम टर्नओवर की शर्त पांच करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जिसे कैबिनेट की बैठक में घटाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया था।
प्रदेश की आबकारी नीति 19 मार्च को जारी की गई थी। आबकारी नीति की कई शर्तों पर आपत्ति उठाए जाने के बाद कैबिनेट की छह अप्रैल को हुई बैठक में इसमें संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नीति में शराब के ठेकों के आवंटन के लिए समूह की जो व्यवस्था थी उसे समाप्त कर दुकानवार व्यवस्थापन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके अलावा होटल बार की लाइसेंस फीस भी निर्धारित कर दी है। 20 कमरों के होटल के लिए लाइसेंस फीस तीन लाख रुपये, 20 से अधिक और 60 से कम कमरों वाले होटल के लिए छह लाख रुपये।
60 कमरों से अधिक होटल के लिए 10 लाख रुपये और पांच सितारा होटल जिनके कमरे का किराया 15 हजार रुपये प्रतिदिन से अधिक हो, उनके लिए 15 लाख रुपये निर्धारित की गई है। गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम को बार चलाने के लिए निर्धारित दरों में 50 फीसदी की छूट प्रदान की जाएगी।