टी20 विश्व कप को शुरू होने में अब बस कुछ ही दिनों का वक्त रह गया है। सात फरवरी से यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। डिफेंडिंग चैंपियन और आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 टीम इंडिया इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए पसंदीदा मानी जा रही है। पिछले एक साल में इस टीम ने कई सीरीज और मैच जीते हैं और सूर्यकुमार यादव की अगुआई में यह टीम नए कीर्तिमान रच रही है। हालांकि, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि खिताब को बचाने का रास्ता आसान नहीं रहने वाला है। भारत ने 2024 में रोहित की कप्तानी में ही टी20 विश्व कप का खिताब जीता था।
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले रोहित ने टीम इंडिया की सबसे बड़ी टेंशन का खुलासा किया है। उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को प्लेइंग-11 में एक साथ शामिल करने को लेकर होगी। उनके मन में होगा कि क्या दोनों को साथ खिलाया जाए या फिर इन दोनों में से सिर्फ वरुण के साथ पूरे टूर्नामेंट में उतरा जाए।
स्पिन भारत का मुख्य हथियार
पिछले कुछ वर्षों में टीम इंडिया अपने स्पिन अटैक पर कुछ ज्यादा ही निर्भर रही है। वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल नियमित तौर पर टीम का हिस्सा रहे हैं और विपक्षी टीमों को इन्होंने खूब परेशान किया है। रोहित ने हालांकि, टूर्नामेंट के समय का महत्व बताते हुए कहा कि अब जबकि ठंड से वसंत ऋतु की ओर बढ़ रहे हैं तो शाम वाले मैचों में खूब ओस पड़ेगी।
सूर्यकुमार-गंभीर की सबसे बड़ी चुनौती
रोहित ने हॉटस्टार पर बात करते हुए कहा, 'सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को साथ कैसे खिलाएं। अगर आपको इन दोनों को साथ खिलाने वाला कॉम्बिनेशन चाहिए तो आप सिर्फ दो ही तेज गेंदबाज को खिला सकेंगे, जो कि एक बड़ी चुनौती है।' दरअसल, अक्षर टीम के उपकप्तान हैं और टीम को बैलेंस देते हैं, तो उन्हें बाहर करना मुश्किल है। हालांकि, इन परेशानियों के बावजूद विश्व विजेता कप्तान ने कहा कि अगर वह सूर्यकुमार की जगह होते तो दोनों स्पिनर्स को खिलाते।
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कुलदीप और वरुण
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टीम बैलेंस पर पड़ सकता है असर
रोहित की बात इसलिए जायज है क्योंकि तीन स्पिनरों को खिलाना टीम बैलेंस पर असर डालेगा। अगर अक्षर, कुलदीप और वरुण तीनों खेलते हैं तो भारत को सिर्फ जसप्रीत बुमराह के साथ उतरना पड़ेगा। हार्दिक दूसरे पेसर और शिवम दुबे तीसरे पेसर की भूमिका निभाएंगे। न तो अर्शदीप सिंह और न ही हर्षित राणा खेल पाएंगे, जो कि एक गैम्बल यानी रिस्क होगा। रोहित ने कहा कि सूर्यकुमार और गंभीर के लिए प्लेइंग-11 में बैलेंस लाना आसान नहीं होगा। किसी एक खिलाड़ी को नहीं खिलाना मतलब किसी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को ड्रॉप करना होगा।
ओस निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका?
रोहित ने कहा, 'भारत में प्लेइंग कंडीशन को देखें तो मौजूदा न्यूजीलैंड सीरीज में काफी ओस देखने को मिली। फरवरी-मार्च में भारत के ज्यादातर हिस्सों में ओस होगी क्योंकि ठंड खत्म होने पर होगी। यहां तक कि मुंबई में भी ओस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जबकि वहां ठंड नहीं होती। मेरे मुताबिक, 90 से 95 प्रतिशत मैदानों में ओस होगी। यह सबसे बड़ी चुनौती है। ज्यादातर मैच इससे प्रभावित रह सकते हैं।'