इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि आईपीएल को लेकर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ विवाद के कारण उनका करियर समय से पहले खत्म हो गया। यूट्यूबर रणवीर रणवीर अल्लाहबादिया के साथ एक इंटरव्यू में पीटरसन ने कहा कि आईपीएल के शुरुआती दौर में ईसीबी ने खिलाड़ियों पर सख्ती बरती और मीडिया के जरिए उनके खिलाफ माहौल बनाया।
2 of 6
केविन पीटरसन
- फोटो : ANI
'मैंने करियर खो दिया', पीटरसन का दर्द
पीटरसन ने खुलकर कहा, 'मैंने बड़े बलिदान दिए। मैंने अपना करियर खो दिया। यही वजह है कि उस सिस्टम के लोग मेरे खिलाफ हो गए।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं 33 साल की उम्र में 104 टेस्ट के बाद बाहर हो गया। मुझे 150-160 टेस्ट खेलने चाहिए थे और 12-13 हजार रन बनाने चाहिए थे।' उनका मानना है कि उनके फैसलों को गलत तरीके से पेश किया गया और इसके कारण उनके करियर पर असर पड़ा।
3 of 6
केविन पीटरसन
- फोटो : ANI
ईसीबी पर लगाया गंभीर आरोप
पीटरसन ने ईसीबी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बोर्ड ने मीडिया का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया। उन्होंने कहा, 'ईसीबी ने मेरे खिलाफ माहौल बनाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल किया। मैं ज्यादा गहराई में नहीं जाना चाहता, लेकिन यह सब सार्वजनिक था।' गौरतलब है कि 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में ईसीबी ने अपने कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ियों को खेलने से रोक दिया था।
4 of 6
केविन पीटरसन
- फोटो : ANI
आईपीएल के लिए लिया बड़ा फैसला
2009 में जब खिलाड़ियों को सीमित समय के लिए आईपीएल खेलने की अनुमति मिली, तब पीटरसन ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ने का फैसला किया। यही फैसला उनके और ईसीबी के बीच तनाव की बड़ी वजह बना। बाद में उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भी खेला।
5 of 6
केविन पीटरसन
- फोटो : IPL/BCCI
नई पीढ़ी को मिला फायदा
हालांकि पीटरसन को लगता है कि उनके बलिदान से आज के खिलाड़ियों को फायदा मिला। उन्होंने जोस बटलर का जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने कुछ दिन पहले जोस बटलर का इंटरव्यू लिया, उन्होंने भी थैंक यू कहा।मेरे बलिदान की वजह से आज खिलाड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट का आनंद ले पा रहे हैं।'