टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भले ही इस हार को तवज्जो नहीं दे रहे हैं, मगर सच तो यही है कि यह हार शर्मनाक है। यह इसलिए क्योंकि 31 साल बाद भारतीय टीम को ऐसी करारी हार का सामना करना पड़ा है। कीवियों के खिलाफ आखिरी मैच में पांच विकेट से हारते ही भारतीय टीम को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके चहल को इस हार से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
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Yuzvendra Chahal
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चहल ने मंगलवार को कहा कि पिछले पांच साल में भारत के प्रदर्शन में इतनी अधिक निरंतरता है कि वन-डे सीरीज में हार चिंताजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि ये हार इतनी भी बड़ी नहीं है कि इसके बारे में बातचीत हो। हालांकि, इस दौरान चहल ने टीम इंडिया के प्रदर्शन की तारीफ भी की।
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कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल
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उन्होंने कहा, युवा खिलाड़ी न्यूजीलैंड में खेलने के अनुभव से काफी कुछ सीखेंगे। पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल टीम में आए, इसलिए युवाओं को भारत के बाहर खेलने का मौका मिला। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं होता लेकिन कुल मिलाकर देखें तो यह सिर्फ एक वन-डे सीरीज थी। हमने टी-20 सीरीज 5-0 से जीती थी, पहली बार, यह हमारे लिए भी सकारात्मक पक्ष है।'
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टीम इंडिया
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बता दें कि टॉस हारकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 296 रन बनाए और न्यूजीलैंड को जीत के लिए 297 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में कीवी टीम ने 17 गेंदें शेष रहते ही यह लक्ष्य हासिल कर ली। इस मैच में केएल राहुल (112) का शतक भी बेकार चला गया। इसके अलावा श्रेयस अय्यर ने भी 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली।
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केएल राहुल
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लेग स्पिनर चहल ने राहुल और अय्यर की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'आप उनके अंदर आत्मविश्वास देख सकते हैं। वे 25-26 साल के हैं और परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं, वे स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। बीच के ओवरों के बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा विशेषकर तब जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों। राहुल ने शीर्ष क्रम में भी बल्लेबाजी की है, इसलिए यह परिपक्वता दिखाता है कि उसे पता है कि टीम को क्या जरूरत है।'