विश्व कप 1992 में कुल 9 टीमों ने हिस्सा लिया था। यह विश्व कप ऑस्ट्रलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित किया गया। भले ही पाकिस्तान टीम भारत को नहीं हरा पाई, लेकिन वर्ल्ड कप अपने नाम जरूर किया। फाइनल में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 22 रनों से शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा किया था। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का यह पहला वर्ल्ड कप था।
1992 का विश्व कप पहली बर डे-नाइट प्रारूप में खेला गया था। पहली बार रंग-बिरंगी जर्सी भी इसी विश्व कप में पहनी गई थी। इसके अलावा इसी विश्व कप में फील्डिंग रिस्ट्रिक्शन का प्रयोग भी पहली बार किया गया। रंगभेद की नीति के कारण लगी पाबंदी हटने के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका की टीम ने इस विश्व कप में हिस्सा लिया। इसमें राउंड-रॉबिन के आधार पर 36 मैच खेले गए और चार शीर्ष टीमों को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला।
इस विश्व कप में डिफेंडिंग चैंपियन और मेजबान ऑस्ट्रेलिया पर दबाव कुछ ज्यादा ही था और उसे इसका नुकसान ही हुआ। ऑस्ट्रेलिया की टीम अपना पहला मैच ही हार गई। ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड दोनों से मात खानी पड़ी। पाकिस्तान ने विश्व कप में अपनी शुरुआत काफी खराब की। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला मैच वे 10 विकेट से हार गए।
अगले मैच में इंग्लैंड ने उन्हें सिर्फ 74 रन पर आउट कर दिया। लेकिन बारिश के कारण मैच रद्द हो गया और पाकिस्तान को एक अंक भी मिल गया जो बाद में उसके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसी एक अंक के अंतर के कारण ऑस्ट्रेलिया की टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई और पाकिस्तान को मौका मिला सेमीफाइनल में जगह बनाने का।
सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड का मुकाबला पाकिस्तान से हुआ तो दक्षिण अफ्रीका की टीम इंग्लैंड से भिड़ी। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को जीत के लिए 263 रनों का लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने पूरा कर लिया और पहली बार फाइनल में जगह बनाई। इंजमाम ने 60 रन बनाए तो मियांदाद ने 57 रन।