आज ही के दिन साल 2019 में न्यूजीलैंड को हराकर इंग्लैंड ने अपना पहला विश्व कप जीता था। लॉर्ड्स में खेला गया सांस थाम देने वाला यह फाइनल पहले तो टाई पर छूटा फिर सुपरओवर में भी कोई फैसला नहीं निकल पाया, अंतत: कांटे के इस मुकाबले को आईसीसी के एक अजीबोगरीब नियम से खत्म कर इंग्लैंड को विश्व विजेता घोषित किया गया, जिसके बाद दुनियाभर में आईसीसी की जमकर आलोचना भी हुई थी।
न सुपर ओवर..न टाई...एक साल पहले इस अजीब नियम से विश्व विजेता बना था इंग्लैंड
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दोनों ही टीम ने बनाए 242 रन
आज विश्व क्रिकेट को अपना नया चैंपियन मिले एक साल पूरे हो गए। लॉर्ड्स के उस ऐतिहासिक मैदान पर रविवार रात लगातार दूसरा फाइनल खेलने वाले न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के सामने 242 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में घरेलू दर्शकों के बीच अंग्रेज भी निर्धारित 50 ओवर्स में इतने ही रन बना पाए।
सुपरओवर में भी मैच टाई
विश्वकप में पहली बार कोई खिताबी मुकाबला सुपर ओवर में पहुंचा। अब पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सामने 16 रन का लक्ष्य रखा। यहां पर भी स्कोर टाई ही रहा। यानी दोनों ही टीम 15-15 रन ही बना सकीं फिर आईसीसी का बाउंड्री काउंट नियम इस्तेमाल में आया, इसके तहत मैच और सुपर ओवर टाई होने पर विजेता का फैसला बाउंड्री के आधार पर होना था। ज्यादा बाउंड्री लगाने के चलते इंग्लैंड मुकाबले का विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड ने पूरे मैच में 26 बाउंड्री लगाईं और न्यूजीलैंड ने 17 बाउंड्री।
27 साल बाद फाइनल में पहुंचा था इंग्लैंड
नाबाद 84 रन बनाने वाले बेन स्टोक्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। 27 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाली इंग्लैंड ने 1992 में ग्राहम गूच की कप्तानी में फाइनल खेला था, लेकिन इमरान खान की कप्तानी वाली पाकिस्तान ने उसे विजेता की ट्रॉफी नहीं उठाने दी थी और पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। मगर इस बार इंग्लिश टीम ने अपनी सरजमीं पर खिताब जीतकर फैंस को खुश होने का मौका दिया। इंग्लैंड के लिए सुपरओवर में जोफ्रा आर्चर ने जबरदस्त खेल दिखाया।
बदलना पड़ा विवादित नियम
यह फाइनल जरूर इंग्लैंड के नाम रहा, लेकिन समूचे विश्व में बाउंड्री काउंट विवादित नियम की वजह से आईसीसी की जमकर किरकिरी हुई। तीन माह बाद ही इसे हटाया गया। यह तय हुआ कि अगर आईसीसी टूर्नामेंट में फाइनल और सेमीफाइनल मैच टाई होता है, तो सुपर ओवर तब तक जारी रहेगा, जब तक एक टीम दूसरी टीम से ज्यादा रन न बना ले। अब यह नियम वन-डे और टी-20 प्रारूपों में लागू होता है। मगर टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में अगर मैच बराबरी पर छूटा और सुपर ओवर भी टाई रहा तो दोनों ही टीम के बीच अंक बराबर बांट दिए जाएंगे।