साउथैम्प्टन के खूबसूरत मैदान द रोज बाउल की स्थापना साल 2001 में हुई थी। यह इंग्लिश काउंटी क्रिकेट क्लब हैंपशायर का घरेलू मैदान है। भारत यहां विश्व कप का अपना पहला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से खेलेगा। यह नया बना मैदान है।
आइए जानते हैं इस मैदान के बारे में...
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रोज बाउल
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द रोज बाउल मैदान पर पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड बनाम श्रीलंका 16 से 20 जून के बीच 2011 में खेला गया था। यह टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था। 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच 2018 में इस मैदान पर आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड और भारत के बीच खेला गया, जिसमें इंग्लैंड ने भारत को 60 रनों से मात दी थी।
द रोज बाउल का मैदान नया बना है। इस मैदान पर एक भी विश्व कप का मैच नहीं खेला गया है। इस बार यहां कुल पांच मैच खेले जाएंगे। इस स्टेडियम कुल 15 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है।
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इंग्लैंड टीम
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द रोज बाउल का मैदान बैटिंग के अनुकूल माना जाता है। 2017 से अब तक यहां का सबसे कम स्कोर 288 रन हैं, जबकि ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ टीम स्कोर 373/3 रन हैं। यह स्कोर इंग्लैंड ने पिछले महीने 11 मई को पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था, लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम ने भी 7 विकेट पर 361 रन का स्कोर किया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो भी टीम पहले बैटिंग करेगी उसकी कोशिश 350 रन से अधिक बनाने की होगी।
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The Rose Bowl
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इस ग्राउंड पर पहला टी-20 मुकाबला 13 जून 2005 को इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुआ था। इंग्लैंड ने इस मैच को 100 रनों से जीता था। आखिरी टी-20 मैच इस मैदान पर इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच 21 जून 2017 को खेला गया, इंग्लैंड ने इस मैच को नौ विकेट से जीता था।