सांसें रोक देने वाले रोमांचक फाइनल में बाजी मारकर इंग्लैंड पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। लगातार तीसरी बार ऐसा हुआ जब मेजबान देश चैंपियन बनने में सफल रहा। 2011 में भारत, 2015 में ऑस्ट्रेलिया और इस बार इंग्लैंड विजेता बना।
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बेन स्टोक्स
इस बेहद शानदार मुकाबले को यहां तक पहुंचाने और इंग्लैंड को वर्ल्ड चैम्पियन बनवाने में बेन स्टोक्स का अहम योगदान रहा। बेन स्टोक्स ने अपनी शानदार पारी में 98 गेंदों में नाबाद 84 रनों (5 चौका और 2 छक्का) की गजब की पारी खेली। सुपर ओवर में भी इंग्लैंड ने बल्लेबाजी करने के लिए बेन स्टोक्स (8) को ही जोस बटलर (7) के साथ भेजा।
जोस बटलर
चार विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए नए बल्लेबाज बेन स्टोक्स और जोस बटलर ने लड़खड़ती पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। पांचवें विकेट के लिए दोनों ने साथ मिलकर 110 रन जोड़े। बटलर ने 60 गेंदों में छह चौके की मदद से 59 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली।
जॉनी बेयरस्टो
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले जॉनी वेयरस्टो ने फाइनल में अपनी टीम की इस खिताबी जीत में 36 रनों का योगदान दिया। इस दौरान उन्होंने ताबड़तोड़ सात चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 65. 45 का रहा।
क्रिस वोक्स
क्रिस वोक्स ने शानदार गेंदबाजी करते हुए नौ ओवर में 37 रन देकर तीन विकेट चटकाए। पूरे टूर्नामेंट में वोक्स ने कुल 13 विकेट झटके।