पुरुष क्रिकेट टीम की तरह भारतीय महिला टीम भी लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं के नॉकआउट चरण में जगह बना रही है, लेकिन खिताब जीतने में नाकाम रही है। भारतीय महिला टीम अब तक कोई विश्व खिताब नहीं जीत पाई है।
महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे अधिक विकेट चटकाने वाली गेंदबाज झूलन ने पीटीआई से कहा, 'अगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व खिताब जीतने के सूखे को खत्म करना है तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तरह मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है।
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भारतीय महिला टीम बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला टीम
- फोटो : पीटीआई
भारत ने त्रिकोणीय श्रृंखला और टी-20 विश्व कप दोनों के लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया को हराया था, लेकिन दोनों ही टूर्नामेंटों के फाइनल में उसे इसी टीम के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। झूलन ने कहा, 'आपको पता है कि ग्रुप चरण में हार के बाद आप वापसी कर सकते हो, लेकिन नॉकआउट में ऐसा नहीं होता। ऐसे हालात में मानसिकता बड़ी भूमिका निभाती है और कौशल से अधिक महत्वपूर्ण होती है।'
झूलन ने कहा, 'महिला टीम को ही नहीं पुरुष और अंडर-19 टीम को भी हाल में फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है।' झूलन पुरुष अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भारत की हार के संदर्भ में बोल रही थीं जबकि सीनियर पुरुष टीम भी 2013 से वैश्विक ट्रॉफी जीतने में नाकाम रही है।
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ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट
- फोटो : ICC twitter
इस भारतीय तेज गेंदबाज का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की सफलता में महिला बिग बैश लीग का अहम योगदान है जिसने उनकी खिलाड़ियों को अनुभव दिया है और कड़ी प्रतिस्पर्धा में खेलना सिखाया है।