भारतीय टीम आज लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इतिहास रचने के लिए उतरेगी। मिताली राज के नेतृत्व वाली टीम इंडिया का 2017 महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में मुकाबला इंग्लैंड से होगा। भारतीय टीम को पहली बार विश्व कप जीतने की आस होगी जबकि इंग्लैंड तीन बार वर्ल्ड कप चैंपियन बन चुका है। दोनों ही टीमों का सफर टूर्नामेंट में शानदार रहा है। भारतीय टीम को दो मुकाबलों में शिकस्त झेलना पड़ी, लेकिन इसके अलावा वो अन्य सभी 6 मुकाबलों में विरोधी टीम पर पूरी तरह हावी रही। टीम इंडिया ने जिस तरह फाइनल में कदम रखा है, वो जानना अपने आप में उम्दा एहसास है। तो आईए गौर करते हैं कि भारत ने टूर्नामेंट के पहले मैच से कैसा प्रदर्शन किया।
महिला वर्ल्ड कप : इतनी मेहनत करके फाइनल में पहुंची 'राज' सेना, क्या रचेगी इतिहास?
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भारत बनाम इंग्लैंड - भारतीय टीम ने अपने विश्वकप अभियान की शुरुआत मेजबान इंग्लैंड को मात देकर की। मेजबान के खिलाफ टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पूनम राउत(86), स्मृति मंधाना(90) और कप्तान मिताली राज(71) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में 3 विकेट पर 281 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए। दीप्ति शर्मा(47/3), शिखा पांडे (35/2) और पूनम यादव (51/1) की शानदार गेंदबाजी के आगे पूरी इंग्लिश टीम ढेर हो गई। और टीम इंडिया को 35 रन के अंतर से जीत हासिल हुई। स्मृति मंधाना को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
भारत बनाम वेस्टइंडीज - टीम इंडिया का विश्वकप में अपने दूसरे मैच में सामना कैरेबियाई टीम से हुआ। मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट गंवाकर महज 183 रन बना सकी। भारतीय गेंदबाजों दीप्ति शर्मा (27/2), पूनम यादव(19/2), और हरमनप्रीत कौर (42/2) ने कैरेबियाई बल्लेबाजों को बांधे रखा और खुलकर बल्लेबाजी नहीं करने दी। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने स्मृति मंधाना के नाबाद शतक(106) की बदौलत 42।3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस दौरान मंधाना विश्वकप में शतक बनाने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी भी बनीं। उन्हें शानदार शतक के लिए लगातार दूसरे मैच में मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
भारत बनाम पाकिस्तान - महिला विश्वकप में टीम इंडिया का तीसरे मैच में मुकाबला चिर प्रतिद्वदंवी पाकिस्तान के साथ हुआ। मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सकी और निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट गंवाकर महज 169 रन का स्कोर खड़ा कर सकी। लेकिन इसके बाद पाकिस्तानी पारी में टीम इंडिया के गेंदबाजों खासकर एकता बिष्ट ने फिरकी का ऐसा जादू चलाया कि पाकिस्तानी टीम चारों खाने चित्त हो गई। पाकिस्तानी टीम 38.1 ओवर में मजह 74 रन पर ढेर हो गई और टीम इंडिया ने 95 रन से जीत हासिल कर विश्वकप में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। महज 18 रन देकर पांच विकेट हासिल करने वाली एकता बिष्ट को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
भारत बनाम श्रीलंका - लगातार तीन जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया का मुकाबला चौथे मैच में पड़ोसी श्रीलंका से हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 232 रन बनाए। इस मैच में भारत की आरंभिक जोड़ी फेल हुई तो मध्यक्रम में दीप्ति शर्मा 78 और कप्तान मिताली राज 53 ने टीम को संभाला। 233 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने बांधे रखा और निर्धारित 50 ओवर में केवल 216 रन बनाने दिए। झूलन गोस्वामी ने 26/2 और पूनम यादव ने 23/2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा दीप्ति शर्मा और एकता बिष्ट ने 1-1 विकेट हासिल किया।