इंडिया-अफगानिस्तान मैच के दौरान कुछ क्रिकेट फैंस इंडिया की जर्सी पर ओप्पो और अफगानिस्तान की जर्सी पर अमूल का लोगो देखकर हैरान रह गए और उसके पीछे का कारण पूछने लगे।
प्रसंशकों ने सवाल किया कि ऐसा क्यों है कि भारतीय क्रिकेट टीम चीनी कंपनी का लोगो और अफगानी टीम भारतीय कंपनी का लोगो पहनकर खेल रही है।
दरअसल 1 अप्रैल 2017 को चीनी मोबाइल फोन कंपनी ने भारतीय टीम के स्पांसरशिप राइट्स को 5 साल के लिए 1079 करोड़ रुपए में खरीदा था जो 2022 तक जारी रहेगा।
वहीं भारत की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक कंपनी अमूल ने वर्ल्ड कप से पहले अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ करार किया और उन्हें स्पांसर करने का फैसला किया।
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केन विलियमसन
- फोटो : ICC
ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हो रहा है, इससे पहले अमूल की कंपनी न्यूजीलैंड और होलैंड क्रिकेट टीम और केंट आरओ की कंपनी श्रीलंका को स्पांसर कर चुकी है।
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अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
- फोटो : पीटीआई
बात करें अफगानिस्तान की टीम को स्पांसर करने की तो टीम ने जब से क्रिकेट खेलना शुरू किया है तब से वो लगातार सबको अपने प्रदर्शन से हैरान कर रहे हैं। अपने खेल और प्रदर्शन की वजह से इस टीम ने बहुत ही जल्दी बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।
अफगानी टीम के प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही सालों के अंदर इस टीम ने ICC के एसोसिएट देशों की लिस्ट से बाहर निकलकर पूर्ण सदस्यों वाली लिस्ट में जगह बना ली।
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अफगानिस्तान
- फोटो : social media
टीम ने 2015 वर्ल्ड कप में जहां बतौर एसोसिएट देश के रूप में भाग लिया था वहीं अब 2019 में पूर्ण सदस्य के रूप में खेल रही है और विश्व की टॉप 10 टीमों से मुकाबला कर रही है। जिम्बाबवे-आयरलैंड-केन्या जैसी टीमों को पीछे छोड़कर अफगानिस्तान टीम ICC की रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाने में भी सफल रही।