एक हफ्ते पहले खबर आई की टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 13 साल बाद रेल का सफर कर रांची से कोलकाता पहुंचे। साल 2005 में टीम इंडिया में शामिल होने के बाद यह पहला मौका था जब माही ने रेल का सफर किया।
जब पुराने दोस्तों से पुराने अंदाज में मिले धोनी
एक समय रेलवे में टीटी रहे धोनी ने इस बार जब रेल का सफर किया तो यह किसी को नहीं मालूम था कि वो अपने इस सफर में अपने पुराने दिनों की तलाश में निकले हैं। उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन में छत्तीसगढ़ के खिलाफ शानदार शतक जड़ा और बेहद अनोखे अंदाज में इसका जश्न मनाया। जिसका अंदाजा किसी को नहीं था।
जब पुराने दोस्तों से पुराने अंदाज में मिले धोनी
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विजय हजारे ट्रॉफी में धोनी
कोलकाता में विजय हजारे ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ के खिलाफ मैच खत्म होने के बाद उनके खड़गपुर के साथी उनसे मिलने आए। उस वक्त ड्रेसिंग रूम के नीचे धोनी की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों का हुजूम लगा था। इस वजह से अपने पुराने दोस्तों को वहां वो सुरक्षा परेशानियों के कारण ज्यादा वक्त नहीं दे पाए। इसके बाद धोनी ने उनके साथ वक्त गुजारने का नया रास्ता निकाला।
जब पुराने दोस्तों से पुराने अंदाज में मिले धोनी
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रेल यात्रा करते महेंद्र सिंह धोनी
धोनी ने अपने दोस्तों को मिलने के लिए टीम होटल में बुलाया। वहां इन दोस्तों के साथ रात का खाना खाया और पुरान दिनों को यादों को ताजा किया। धोनी से मिलने आए दोस्तों में रेलवे के दोस्तों के अलावा उनके रूममेट और चायवाला भी शामिल था जो उनके लिए रोज दूध भी रखता था। रविवार का दिन इन सभी के लिए धोनी से मिलने का अब तक का सबसे अच्छा मौका साबित हुआ।
जब पुराने दोस्तों से पुराने अंदाज में मिले धोनी
धोनी की फिल्म में दिखाई दिए सत्या भैया या कहें सत्य प्रकाश सिन्हा धोनी के दोस्तों को लेकर आए थे। उन्होंने धोनी को रेलवे में टीटी की नौकरी दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी। धोनी से मिलने वालों में धोनी को खड़गपुर में रोजाना चाय पिलाने वाला थॉमस भी शामिल था। धोनी ने जब उन्हें पहचाना लिया और उनसे बात की तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।