टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली मैदान पर न सिर्फ अपनी तूफानी बल्लेबाजी के लिए मशहूर हैं, बल्कि देश में वह एक स्टाइल आइकन भी माने जाते हैं। हालांकि कोहली का स्टाइलिश अंदाज शायद कुछ फैंस को कभी पंसद नहीं आया। इसी वजह से वे आए दिन कोहली प्रदर्शन की बजाए उनके हेयरयस्टाइल, टैटू, दाढ़ी और लुक पर तंज कसने में जरा भी पीछे नहीं रहते।
फैंस को याद हो हाल ही में एक फैशन मैग्जीन ने विराट कोहली का एक स्टाइलिश फोटो अपनी मैग्जीन के कवर पेज पर छापा था, जिसे लेकर काफी बवाल भी हुआ था। आलोचकों का कहना था कि टीम इंडिया के कप्तान को फैशन से ज्यादा अपनी गेम पर ध्यान देना चाहिए। इस बात का जवाब टीम इंडिया की रन मशीन विराट कोहली ने अब जाकर दिया है।
कोहली ने एक इंटरव्यू में कहा, 'खिलाड़ियों के लुक और स्टाइल पर बेतुके कमेंट करने का ट्रेंड कोई नया नहीं है। मैं अपने करियर की शुरुआत (जूनियर लेवल) से ही ये सब झेलता आया हूं। एक खिलाड़ी के स्टाइलिश लुक को उसके प्रोफेशनल फील्ड से जोड़ना बिलकुल सही नहीं है। मैंने जिस्म टैटू गुदवाने और स्टाइलिश हेयरस्टाइल रखने के बाद भी मैदान पर सेंचुरी लगाई है। मैं टैटू और स्टाइलिश हेयरस्टाइल के साथ भी मैदान पर डाइव लगा सकता हूं।'
कोहली ने कहा, 'अगर आप फील्ड पर अपना सौ फीसदी देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं तो निश्चित ही आपको कामयाबी मिलेगी। इसका फैशन से कभी कोई लेना देना नहीं रहा। हालांकि मौजूदा दौर में खिलाड़ी इन सब बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। वे अपने मनचाहे अंदाज में मैदान पर उतरते हैं और खुलकर खेलते हैं, जो कि जरूरी भी है। एक खिलाड़ी की काबिलियित का आंकलन उसके स्टाइलिश अंदाज के आधार पर करना सही नहीं है।'
गौरतलब है कि विराट कोहली से पहले ऐसा ही एक किस्सा टेस्ट में ओपनर बल्लेबाज मुरली विजय ने भी साझा किया था। विजय ने बताया कि था कि उनके स्टाइलिश हेयरस्टाइल की वजह से जूनियल लेवल पर चयनकर्ता उन्हें टीम में सिलेक्ट नहीं करते थे। उन्होंने बताया था कि चयनकर्ता उनके प्रदर्शन के रिपोर्ट कार्ड से ज्यादा उनके बड़े-बड़े बालों पर नजर गढ़ाए रहते थे।