टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को शुरू हो गया है। कप्तान विराट कोहली ने ब्रिस्बेन में टॉस जीतकर कंगारू टीम को बल्लेबाजी का न्यौता दिया है। टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन जब सामने आई तो अचानक सवाल खड़े हुए कि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को क्यों नहीं शामिल किया गया। चहल का टी-20 में प्रदर्शन भी बेहतर रहा और कुलदीप के साथ उनकी जोड़ी विश्व में प्रचलित हो चुकी है। इसके बावजूद आखिर कोहली और टीम प्रबंधन ने चहल को पहले टी-20 में मौका क्यों नहीं दिया।
बता दें कि बीसीसीआई ने मैच के एक दिन पहले ही अपनी 12 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी, जिसमें चहल भी शामिल थे। चहल का उस लिस्ट में नाम 12वें नंबर पर जरूर था, लेकिन पहले भी देखा गया कि अंतिम समय में टीम में एक या दो बदलाव हुए हैं। इसे देखते हुए माना जा रहा था कि चहल को मौका जरूर मिलेगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे के तीन कारण निकलकर सामने आए। मैच की परिस्थिति को देखते हुए यह तीन कारण नजर आ रहे हैं:
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युजवेंद्र चहल
- फोटो : BCCI
कारण-1: ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के अधीन है। ऐसी पिच पर तय था कि टीम इंडिया कम से कम तीन तेज गेंदबाजों के साथ जरूर मैदान संभालेगी। हुआ भी ऐसा ही। टीम इंडिया ने भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और युवा खलील अहमद को अंतिम एकादश में मौका दिया। युजवेंद्र चहल का सबसे बड़ा हथियार लेग स्पिन गेंदबाजी है, लेकिन गाबा की पिच को देखते हुए उन्हें बाहर बैठाने का कठिन फैसला जरूर लिया होगा।
कारण-2: चहल को हार्दिक पांड्या की कमी के कारण भी टीम से बाहर बैठना पड़ा। दरअसल, टीम इंडिया को हार्दिक पांड्या के रहने से तेज गेंदबाज ऑलराउंडर मिलता है, लेकिन वह चोटिल होने की वजह से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया को बतौर ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या को मौका देना पड़ा, जो स्पिन भी कराते हैं। चहल को अच्छा बल्लेबाज नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ा और बेंच को गर्म करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कारण-3: युजवेंद्र चहल पर कुलदीप यादव को तरजीह देना। भारतीय टीम ने चाइनामैन कुलदीप यादव को मौका देना सही समझा। वैसे, देखा जाए तो कुलदीप रिस्ट स्पिनर हैं और बल्लेबाजों के लिए पहेली बन जाते हैं। उनकी गेंदों को खेलना आसान नहीं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास एडम जम्पा है, जिसके खिलाफ अभ्यास करते हुए वह चहल का आसानी से सामना कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन और कप्तान कोहली ने चहल को बाहर करने का मुश्किल फैसला लिया होगा।