श्रीलंका के बीच शनिवार से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच को टीम इंडिया बड़े अंतर से जीतना चाहेगी। मेजबान टीम की निगाहें इस सीरीज पर कब्जा करने की होंगी। इस टेस्ट को जीतने पर टीम इंडिया एक और रिकॉर्ड दर्ज करने में कामयाब हो जाएगी। वहीं, श्रीलंका इस मैच को जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी।
दिल्ली में जीते तो विराट के नाम होगा एक और रिकॉर्ड, कर लेंगे गांगुली की बराबरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विराट के सामने प्लेइंग इलेवन चुनने की समस्या रहेगी क्योंकि सलामी बल्लेबाजों में तीन दावेदार हैं। शिखर धवन पिछले मैच में नहीं खेले थे और वे इस मैच में वापसी करना चाहेंगे। इसके साथ ही मुरली विजय और केएल राहुल में से किसी एक को बाहर बैठना होगा। गेंदबाजी में यदि भारत दो स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के साथ मैदान में उतरता है तो दो तेज गेंदबाजों को ही मौका मिल पाएगा। इस स्थिति में उमेश यादव, ईशांत शर्मा और मोहम्मद शमी में से किसी दो को मौका मिल सकता है।
श्रीलंका को प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव करना होगा, क्योंकि रंगना हेराथ चोट के चलते सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके स्थान पर टीम में शामिल किए गए जेफ्री वाण्डरसे को मैदान में उतारने की संभावना है। कप्तान दिनेश चांदीमल को अपने बल्लेबाजों से जिम्मेदारी भरे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मेहमान बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि टीम इंडिया 2015 से लगातार आठ टेस्ट सीरीज जीत चुकी है और दिल्ली टेस्ट को ड्रॉ करने पर भी वह लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट सीरीज जीत के इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेगी। इंग्लैंड ने यह कारनामा 1884 से 1892 के बीच किया था। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2005-06 से 2008 के बीच लगातार 9 टेस्ट सीरीज जीती थी।
इसके साथ ही टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बराबरी करना चाहेंगे। विराट के नेतृत्व में टीम इंडिया अभी तक 20 टेस्ट मैच जीत चुकी है। यदि टीम इंडिया ने दिल्ली टेस्ट जीत लिया तो उनके नेतृत्व में टीम इंडिया की 21वीं जीत होगी और इसी के साथ वो सौरव गांगुली की बराबरी कर लेंगे।