भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2017 महिला वर्ल्ड कप में दमदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया है, जहां उसका मुकाबला 6 बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने 2013 का वर्ल्ड कप जीता था और इस बार भी वो फाइनल में प्रवेश करने की पूरी कोशिश करेगी। वहीं मिताली राज के नेतृत्व वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी शानदार फॉर्म में है और वो गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनल में अपना सबकुछ झोंककर फाइनल में प्रवेश करना चाहेगी। मिताली राज घोषणा कर चुकी हैं कि ये उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और वो हर हाल में इस बार ट्रॉफी पर कब्जा करना चाहेंगी। बहरहाल, ऑस्ट्रेलिया को मौजूदा टूर्नामेंट में एक शिकस्त झेलना पड़ी है, जबकि भारतीय टीम दो मैचों में हारी है।
इन 6 स्टार प्लेयर्स की बदौलत 2017 महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया
मिताली की टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि उसे ग्रुप चरण में कंगारू टीम से 8 विकेट की करारी शिकस्त झेलना पड़ी थी। इसके अलावा भारतीय महिला टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन-डे में प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा है। भारतीय टीम वन-डे में 8-34 से पिछड़ रही है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 से कुल चार मैच खेले हैं, जिनमें से उसे सिर्फ एक में जीत मिली है। हालांकि, भारतीय टीम की अगर दो हार को हटा दिया जाए तो पूरे टूर्नामेंट में वो विरोधी टीम पर पूरी तरह हावी रही है। भारतीय महिला टीम की इन खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसके सहारे टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। भारत टीम के खिलाड़ियों ने खेल के सभी विभागों में दमदार प्रदर्शन किया है और यही कारण है कि फैंस को उम्मीद है कि मिताली ब्रिगेड फाइनल में प्रवेश करेगी। चलिए नजर डालते हैं कि भारत के सेमीफाइनल तक पहुंचने में किन खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्मृति मंधाना - भारतीय टीम ने शुरुआती दो मुकाबलों में क्रमशः मजबूत इंग्लैंड और 2016 वर्ल्ड टी20 चैंपियन वेस्टइंडीज को हराया। दोनों मुकाबलों में भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना का प्रदर्शन लाजवाब रहा। बाएं हाथ की महिला बल्लेबाज ने जहां इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन बनाए तो वेस्टइंडीज के खिलाफ 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 106 रन की मैच विजयी पारी खेली। भारत ने मंधाना की उम्दा पारियों की मदद से इंग्लैंड को 35 रन से और वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराया। हालांकि, अगले पांच मैचों में युवा मंधाना का बल्ला खामोश रहा और वो क्रमशः 2, 8, 4, 3 और 13 रन बना सकी। बहरहाल, मिताली को विश्वास होगा कि मंधाना सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन करेंगी।
एकता बिष्ट - बाएं हाथ की स्पिनर को भारतीय टीम के पहले दो मुकाबलों में केवल 1 विकेट मिला था। मगर टूर्नामेंट के 11वें मैच में उन्होंने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 10 ओवर में दो मेडन सहित 18 रन देकर 5 विकेट चटकाए। एकता की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को 74 रन के मामूली स्कोर पर ऑलआउट करके 95 रन से मैच जीता। एकता ने इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ एक और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो विकेट लिए। हालांकि, बिष्ट को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें मिताली मौका दे सकती हैं। एकता का प्रभावी प्रदर्शन टीम को फाइनल में पहुंचाने के लिए जोश प्रदान कर सकता है।
दीप्ति शर्मा - भारतीय टीम की मध्यक्रम की महिला बल्लेबाज ने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करके टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने में बड़ी भूमिका अदा की। दीप्ति ने मौजूदा टूर्नामेंट में कई ऐसी पारियां खेली, जिसकी बदौलत भारत जीत दर्ज करने में कामयाब रहा। भारतीय टीम के शुरुआती तीन मैचों में कुछ खास नहीं करने वाली दीप्ति ने श्रीलंका के खिलाफ 78 रन की शानदार पारी खेली। वो इस मैच में टीम की सर्वश्रेष्ठ स्कोरर भी रहीं। दीप्ति को उम्दा पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। दीप्ति ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 60 रन की पारी खेली। दीप्ति ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक 9 विकेट चटकाए हैं। मिताली की टीम में एक अच्छी ऑलराउंडर मौजूद है, जिसका वो भरपूर लाभ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लेना चाहेंगी।