एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता में वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान रविवार यानि 21 जुलाई को होगा। विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर भारतीय टीम बाहर हो गई थी। इसके बाद चयनकर्ताओं के सामने कई अहम सवाल हैं, जिसे जल्द से जल्द टीम मैनेजमेंट हल करना चाहेगा। वेस्टइंडीज दौरा टीम मैनेजमेंट के लिए कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाने के लिए बेहतर अवसर है। जिसे भुनाते हुए चयनकर्ता नए चेहरों को मौका दे सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे सवाल हैं, जिससे टीम इंडिया के सलेक्शन पैनल को निबटना होगा।
वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम चुनते वक्त चयनकर्ता दूर करना चाहेंगे टीम इंडिया की ये खामियां
विश्व कप में धोनी ने कई स्थान पर बल्लेबाजी की। धोनी के साथ इस विश्व कप में जो सबसे बड़ी समस्या उभरकर सामने आई वो यह है कि स्ट्राइक बदलने और तेजी से रन बनाने में उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच हो या फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल, धोनी बड़े शॉट नहीं खेल पाए। धोनी पर चयनकर्ताओं को जल्द फैसला लेना होगा कि यदि वह टीम में बने रहेंगे, तो उनकी भूमिका क्या होगी।
हालांकि धोनी ने खुद को वेस्टइंडीज दौरे से अलग करते हुए दो महीने की छुट्टी ले ली है। वह दो महीना पैरामिलिट्री फोर्स में अपनी सेवा देंगे।
वर्ल्ड कप में नंबर चार की गुत्थी ने जमकर फजीहत कराई। इस स्थान पर टीम को एक अनुभवी बल्लेबाज की कमी खली। ऋषभ पंत से लेकर विजय शंकर तक ने बल्लेबाजी की पर वह सफल नहीं हो पाए। चयनकर्ताओं को ऐसे में इसपर मंथन करना होगा कि आखिर कौन इस नंबर की जिम्मेदारी संभालेगा। वेस्टइंडीज दौरे के लिए मनीष पांडे, श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल जैसे बल्लेबाजों को शामिल कर उन्हें मौका दिया जा सकता है। वो इंडिया 'ए' टीम के लिए कैरेबियाई दौरे पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
वर्ल्ड कप में जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की। मोहम्मद शमी को भी विंडीज दौरे के सीमित ओवरों के मैचों से आराम दिया जा सकता है। ऐसे में क्या नवदीप सैनी को भुवनेश्वर कुमार के साथ टीम इंडिया के आक्रमण को संभालने की जिम्मेदारी मिल सकती है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दीपक चाहर को भी टी20 मैचों के लिए टीम इंडिया में शामिल करने पर चयन समिति जरूर विचार करना चाहेगी। चाहर वर्ल्ड कप के लिए स्टैंड बाई में शामिल थे।
टेस्ट टीम में ओपनर के लिए भी जगह खाली है। शिखर धवन टेस्ट में ओपनिंग के लिए उपयुक्त साबित नहीं होते हैं। चोट के कारण वह सीमित ओवरों की टीम से भी बाहर हैं। युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ भी चोटिल हैं। इनकी गैर-मौजूदगी में मयंक अग्रवाल और केएल राहुल करियर में पहली बार ओपनिंग कर सकते हैं। इसके अलावा विजय की एक बार फिर से वापसी हो सकती है या हनुमा विहारी को एक बार फिर से सलामी बल्लेबाज के रूप में आजमाया जाएगा। अगर चयनकर्ता ऐसा करते हैं तो गुजरात के प्रियंक पंचाल और बंगाल के अभिमन्यु एसासवरन पर उनकी नजर जरूर जाएगी। इन दोनों ने घरेलू सीजन में 898 और 861 रन बनाए हैं।