विराट सेना बृहस्पतिवार को जब वेस्ट इंडीज के खिलाफ पांचवें और अंतिम वनडे मैच में उतरेगी तो उसकी निगाह घर में लगातार में छठी सीरीज कब्जाने पर होगी। भारत ने पिछली बार घरेलू वन-डे सीरीज 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाई थी और तब से स्वदेश में उसका अजेय अभियान जारी है।
भारत अभी पांच मैचों की सीरज में 2-1 से आगे है। एक मैच टाई रहा है। भारत को हालांकि सीरीज के दौरान वेस्ट इंडीज की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है जिसमें पुणे में तीसरे वनडे में हार भी शामिल है। भारत दौरे पर यह वेस्ट इंडीज की पहली जीत थी। मैच के दौरान हालांकि बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
तीस साल बाद मैदान पर मुकाबला
तिरुवनंतपुरम में करीब तीन दशक बाद वनडे मैच खेला जा रहा है। पिछला वनडे भी भारत और वेस्टइंडीज के बीच ही खेला गया था। तब वेस्ट इंडीज ने आसान जीत दर्ज की थी। जेसन होल्डर की टीम उस समय की दिग्गज टीम से प्रेरणा लेकर सीरीज बराबर करना चाहेगी।
दस हजारी बन सकते हैं धोनी
ऑस्ट्रेलिया में टी-20 सीरीज के लिए घोषित टीम में जगह गंवाने वाले धोनी को बल्ले से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जबकि विकेट के पीछे वह शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत की ओर से 10000 रन पूरे करने से धोनी एक रन दूर हैं। उन्होंने 124 रन एशिया एकादश की ओर से बनाए हैं।
बुमराह की वापसी से गेंदबाजी आक्रमण मजबूत
बुमराह की वापसी से भारत का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है और पिछले दोनों मैचों में उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की है। बाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद ने ब्रेबोर्न स्टेडियम में शानदार गेंदबाजी की। कोहली को भुवनेश्वर कुमार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी जो अब तब उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए हैं। स्पिनरों ने कैरेबियाई बल्लेबाजों को परेशान किया है। कुलदीप यादव के सामने वेस्ट इंडीज के अधिकांश बल्लेबाज जूझते रहे हैं।
विश्व की तैयारियों पर नजर
इंग्लैंड में अगले साल जून में होने वाले विश्व कप को देखते हुए दोनों टीमें इस सीरीज के जरिए अपना संयोजन तय करने की कोशिश में हैं। कोहली और रोहित शर्मा बेहतरीन फॉर्म में हैं और सीरीज में क्रमश : तीन और दो शतक जड़ चुके हैं। कप्तान का समर्थन हासिल करने वाले अंबाती रायडू ने भी पिछले मैच में शतकीय पारी खेली थी। बाकी बल्लेबाज हालांकि उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए हैं। अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी को भी बल्ले से खराब फॉर्म का सामना करना पड़ रहा है।