भारतीय टीम ने 17 साल बाद टी20 विश्व कप अपने नाम किया है। इससे पहले 2007 में टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी20 विश्व कप अपने नाम किया था। तब हमने दक्षिण अफ्रीका को नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर चैंपियनशिप अपने नाम की थी। जोहानिसबर्ग में खेले गए पहले टी20 विश्व कप के फाइनल में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। यह 1983 विश्व कप के बाद भारत की पहली विश्व कप ट्रॉफी थी।
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टी20 विश्व कप 2007
- फोटो : ICC/BCCI
ऐसे में धोनी की टीम ने इतिहास रचा था और इस जीत का बड़ा जश्न मनना तय था। इतना ही नहीं इस खिताब को जीतने से कुछ महीने पहले ही टीम इंडिया को 2007 वनडे विश्व कप में मुंह की खानी पड़ी थी। तब वेस्टइंडीज में ही खेले गए वनडे विश्व कप में भारतीय टीम पहले राउंड में बांग्लादेश जैसी टीम से हारने के बाद बाहर हो गई थी।
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टी20 विश्व कप 2007
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उस टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ ही थे। तब भारतीय टीम को खूब आलोचना झेलनी पड़ी थी। यहां तक कि क्रिकेटर्स के घरों पर भी हमले हुए थे। ऐसे में 2007 टी20 विश्व कप की जीत ने उन सभी गमों को भुला दिया था और देश में खुशियों की लहर आई थी।
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टी20 विश्व कप 2007
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वनडे विश्व कप में दिग्गजों से भरी भारतीय टीम बांग्लादेश से हारकर बाहर हो गई थी। ऐसे में टी20 विश्व कप में भारत ने युवा टीम भेजी थी, जिसकी कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी। किसी ने भी भारत के चैंपियन बनने की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन युवा टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया और भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को पांच रन से हराकर पहला टी20 विश्व कप अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए धोनी की टीम ने 20 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 157 रन बनाए थे।
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जवाब में पाकिस्तान ने 19.3 ओवर में 152 रन पर सिमट गई। उस विश्व कप में भारत की ओर से गौतम गंभीर ने 54 गेंद में आठ चौके और दो छक्के की मदद से 75 रन की पारी खेली थी। वहीं, रोहित शर्मा ने आखिर में महत्वपूर्ण 16 गेंद में 30 रन बनाए थे।