टीम इंडिया की जर्सी के वर्तमान स्पॉन्सर स्टार इंडिया ने फैसला किया कि वह जर्सी स्पॉन्सरशिप के लिए लगने वाली बोली में शामिल नहीं होगा। इस बात का खुलासा स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में किया।
स्टार इंडिया ने टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप से खींचा हाथ, जानिए क्यों?
स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर ने कहा कि देश में क्रिकेट के भविष्य को लेकर खड़ी हुई असमंजस की स्थिति के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा, हमें गर्व है कि टीम इंडिया की जर्सी में नाम दिखना हमारे लिए गर्व का विषय है। लेकिन वर्तमान में विभिन्न कारणों से जिस तरह की अनिश्चित्ता की स्थिति भारतीय क्रिकेट में उत्पन्न हुई है। इस वजह से हम ऐसा निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्टार इंडिया का यह भी मानना है कि टीम इंडिया के भविष्य के दौरों को लेकर भी स्पष्टता नहीं है।
स्टार इंडिया ने टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप से खींचा हाथ, जानिए क्यों?
बीसीसीआई और स्टार इंडिया के बीच करार इस साल मार्च के अंत में समाप्त होगा। आशा की जा रही है कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया को नया स्पॉन्सर मिल जाएगा। चैंपियंस ट्रॉफी 1 जून से इंग्लैंड में आयोजित की जाएगी। स्टार इंडिया साल 2013 में टीम इंडिया से जुड़ा था। ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे के बाद स्टार इंडिया का बीबीसीआई के साथ स्पॉन्सरशिप का करार खत्म हो जाएगा। इसे देखते हुए बीसीसीआई ने नए स्पॉन्सरशिप के लिए नई निविदाएं आमंत्रित की हैं। जो कंपनी स्पॉन्सरशिप हासिल करेगी उसका लोगो भारत की पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट टीम की जर्सी में दिखाई देगा।
स्टार इंडिया ने टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप से खींचा हाथ, जानिए क्यों?
बाजार के विशेषज्ञों की मानें तो कई डिजिटल मार्केटिंग कंपनियां टीम इंडिया की जर्सी की स्पॉन्सरशिप हासिल करने के लिए आतुर हैं। जिसमें पेटीएम सबसे आगे। पेटीएम फिलहाल बीसीसीआई का टाइटल स्पॉन्सर है। इन संबंधों को आगे ले जाते हुए वह जर्सी की स्पॉन्सरशिप भी हासिल कर सकता है। वहीं रिलायंस अपनी मोबाइल सर्विज जियो के साथ स्पॉन्सरशिप की दौड़ में शामिल हो सकता है। इसके अलावा पिछली बार स्पॉन्सरशिप की दौड़ में स्टार से पिछड़ने वाला आईडिया सेलुलर भी दौड़ में आ सकता है।