हारकर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं लेकिन क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीतकर हार जाने वाले को 'चोकर्स' कहते हैं। बात हो रही है दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम की जो बड़े टूर्नामेंट खासकर वर्ल्ड कप में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बावजूद अहम मौके पर हार जाती है।
वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीकी टीम को कहा जाता है चोकर्स, ये है असली कारण
1992: सेमीफाइनल बनाम इंग्लैंड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद दक्षिण अफ्रीका ने विश्व कप शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया था। सेमीफाइनल में भी उसकी स्थिति अच्छी नजर आ रही थी उसे 13 गेंदों पर 22 रन की जरूरत थी लेकिन बारिश आने के बाद नियमों के अनुसार उनके सामने एक गेंद पर 22 रन का लक्ष्य था। उसे हारकर बाहर होना पड़ा।
1999: सेमीफाइनल बनाम ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 198 पर नौ विकेट गंवा दिए। लांस क्लूजनर ने आक्रामक बल्लेबाजी कर स्कोर बराबर कर दिया। अब अंतिम विकेट था और एक रन शेष था। एलेन डोनाल्ड रनआउट हो गए। मैच टाई हो गया और नेट रनरेट कम होने से दक्षिण अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया से पिछड़ गई।
2015: विश्व कप सेमीफाइनल बनाम न्यूजीलैंड
दक्षिण अफ्रीका ने 43 ओवर में 298 रन बनाए। बारिश की बाधा से न्यूजीलैंड को 43 ओवर में 298 का लक्ष्य मिला। 41 ओवर तक न्यूजीलैंड ने छह विकेट गंवा दिए थे। एक छोर पर इलियट खड़े थे जिन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। अंतिम ओवर में न्यूजीलैंड को 12 रन चाहिए थे। पांचवीं गेंद पर छक्का जड़कर न्यूजीलैंड को जीत दिला दी। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी हार के बाद मैदान पर ही आंसू निकल आए।
इस बार के वर्ल्ड कप की बात करें तो अहम मौके पर दक्षिण अफ्रीकी टीम के स्टार खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर हो गए।
उसके बाद पहले ही मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार मिलने के बाद कमजोर कही जाने वाली बांग्लादेश टीम ने भी पटखनी दे दी। अगले मुकाबले में इंडिया के हाथों शिकस्त मिली। वहीं वेस्टइंडीज के साथ मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया। न्यूजीलैंड के साथ मैच में एक वक्त टीम जीत के कगार पर थी लेकिन आखिरी ओवर में हार का सामना करना पड़ा।
कुल मिलाकर टीम अभी तक खेले गए 6 मुकाबले में 1 जीत, 4 हार और 1 मैच बेनतीजा होने की वजह से अंक तालिका में श्रीलंका और बांग्लादेश से भी नीचे आठवें स्थान पर है।