वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह ने टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। सौरव गांगुली उन सफल कहानियों के केंद्रीय बिंदु रहे क्योंकि वह टीम के कप्तान थे। गांगुली मैदान पर भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक बनने के लिए जोर लगाते थे तो मैदान के बाहर वह अपनी टीम के खिलाड़ियों के लिए लड़ाई करते थे, जिन पर उनका विश्वास था।
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सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग
सहवाग उन खिलाड़ियों में से एक रहे, जो गांगुली के शुक्रगुजार हैं कि कप्तान ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया और अपने नेतृत्व के दौरान कई मौके उपलब्ध कराए। गांगुली को करीब से देखने वाले सहवाग को अभी भी 'दादा' की लीडरशिप क्वालिटी पर भरोसा है।
सहवाग ने एक सवाल का जवाब दिया, जिसमें उनसे पूछा गया कि बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर गांगुली जल्द पहुंचेंगे। 'नजफगढ़ के नवाब' ने कहा, 'गांगुली एक दिन 100 प्रतिशत पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनेंगे। मगर इससे पहले वह बीसीसीआई के अध्यक्ष बनेंगे।'
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युवराज सिंह
- फोटो : crictracker
दरअसल, सहवाग और युवराज देश की राजधानी में सौरव गांगुली की ऑटोबायोग्राफी 'अ सेंचुरी इज नॉट इनफ' के लांच के मौके पर शामिल हुए थे। इस दौरान गांगुली, युवराज और सहवाग ने कई पुराने किस्से भी याद किए।
सहवाग ने याद करते हुए कहा, 'दादा (गांगुली) हमें अपना किट बैग पैक करने को कहकर जाते थे। वह मैच के बाद तुरंत प्रेस कांफ्रेंस करने चले जाते थे और हमें अपना किट बैग जमाने के लिए कह जाते थे। मगर ऐसा होता है। धोनी भी अपना किट बैग दूसरों से पैक करवाते थे।'