भारतीय क्रिकेट का यह महानायक आज 47 साल का हो गया।
11 दिसंबर 1988, मुंबई और गुजरात के बीच रणजी ट्रॉफी का मुकाबला। वैसे तो यह कोई साधारण मैच ही था, लेकिन सचिन तेंदुलकर ने इसे खास बना दिया। 15 साल का यह लड़का पहली बार प्रथम श्रेणी मैच खेलने जा रहा था। वो भी मुंबई जैसी ऐसी टीम की ओर से जिसकी अपनी परंपरा थी। पिछले दो दशकों से मुंबई क्रिकेट के मसीहा बने हुए सुनील गावस्कर भी इस मैच को देखने बैठे हुए थे।
छोटी कद का घुंघराले बालों वाला यह खिलाड़ी कब भारतीय 'क्रिकेट का भगवान' बन बैठा किसी को पता नहीं लगा। सचिन के पीछे पिता रमेश की प्रेरणा थी। रमाकांत आचरेकर उनके गुरू थे तो निश्चित तौर पर अजीत राह दिखाने वाला बड़ा भाई। और अंत में सचिन के उदय के पीछे एक महाप्रतिभावान लड़के की इच्छाशक्ति और उसका कौशल। किस ने सोचा था कि अपने पहले रणजी मैच के अगले ही साल वह पाकिस्तान के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू कर रहे होंगे।
इस दौरान दुनिया ने उनकी कई बेहतरीन पारी देखी। कभी मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले सचिन ने बतौर सलामी बल्लेबाज कई ऐतिहासिक पारियां खेली। 2003 के विश्व कप में अपने करियर के सबसे शानदार फॉर्म से गुजरने वाले इस बल्लेबाज के फैंस को अब 24 अप्रैल को रिटर्न गिफ्ट मिलने जा रहा है। क्योंकि स्टार स्पोर्ट्स ने जश्न की सारी तैयारियां कर रखीं हैं।
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2003 विश्व कप में सचिन तेंदुलकर
- फोटो : ट्विटर
सुबह 11 बजे से धुआंधार कवरेज
- मैच: India vs Pakistan
- मौका: विश्व कप 2003, दक्षिण अफ्रीका
- चैनल: स्टार स्पोर्ट्स 1/2
- समय: सुबह 11 बजे
- मौका: वानखेड़े में सचिन तेंदुलकर का खास इंटरव्यू
- चैनल: स्टार स्पोर्ट्स 1/2
- समय: शाम 6:30 बजे