शाहिद अफरीदी को ‘बूम-बूम अफरीदी’ के नाम से पूरी दुनिया जानती है। उन्हें यह नाम किस पारी के बाद मिला इससे कौन वाकिफ नहीं है। वो करिश्माई पारी 20 साल पहले 4 अक्टूबर को ही खेली गई थी। तब उनकी उम्र महज 16 साल की थी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा दिन नहीं हुए थे। अफरीदी को 1996 में केन्या में 4 देशों की वनडे सीरीज के जरिए अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने का मौका मिला था।
जब 16 साल के शाहिद अफरीदी ने बनाया था सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड
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शाहिद अफरीदी
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केन्या में अपने डेब्यू वनडे मैच में बल्लेबाजी न कर पाने वाले शाहिद अफरीदी को दूसरे मैच में तीसरे नंबर पर भेजा गया तो इसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया और तब का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया। 4 अक्टूबर, 1996 को 16 साल 217 दिन की उम्र में शाहिद अफरीदी ने जो खेल दिखाया, दुनिया आज भी उसकी कायल है।
जब 16 साल के शाहिद अफरीदी ने बनाया था सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड
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शाहिद अफरीदी ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 37 बॉल में ही सेंचुरी जड़कर नया कीर्तिमान रचा। उनकी यह रिकॉर्डतोड़ पारी करीब 18 साल तक वनडे की सबसे तेज सेंचुरी बनी रही। इससे पहले सनत जयसूर्या ने अप्रैल 1996 में पाकिस्तान के खिलाफ 48 बॉल में सबसे तेज वनडे सेंचुरी लगाई थी।
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पहला विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए शाहिद अफरीदी ने 37 बॉलों में फटाफट सेंचुरी लगाने के साथ ही कुल 40 बॉल में 102 रनों की पारी खेली। इस तूफानी पारी में उन्होंने ने 11 छक्के और 6 चौके जड़े। 16 साल के अफरीदी ने पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाजों से अधिक परिपक्व पारी खेली थी।
जब 16 साल के शाहिद अफरीदी ने बनाया था सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड
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इस मैच में सनत जयसूर्या ने शाहिद अफरीदी को कुल 11 बॉल डाली जिसमें 41 रन ठोंक दिए। इस पारी के दौरान दूसरे विकेट के लिए हुई 126 रनों की साझेदारी में अफरीदी का योगदान 102 रनों का था। पाकिस्तान ने श्रीलंका को जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य दिया, मगर श्रीलंका 289 ही बना सकी।