महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को कहा कि रणजी ट्रॉफी में खेलने से राष्ट्रीय खिलाड़ियों को घरेलू टूर्नामेंट के स्तर को ऊंचा करने के साथ ही अपने बेसिक्स में लौटने का मौका मिलता है। बीसीसीआई ने हाल में अपने केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए घरेलू रेड बॉल क्रिकेट खेलना अनिवार्य कर दिया है। अगर कोई केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम या एनसीए में नहीं है और उस वक्त घरेलू टूर्नामेंट जारी है तो उसे वह टूर्नामेंट खेलना होगा। बीसीसीआई ने अपनी राज्य की रणजी ट्रॉफी मैचों में नहीं खेलने के कारण ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर कर दिया था। उन्होंने कहा, 'जब भारतीय खिलाड़ी अपनी घरेलू टीमों में खेलते हैं तो इससे युवाओं के खेल का स्तर बढ़ता है और कई बार नई प्रतिभा की पहचान होती है।'
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ईशान और श्रेयस
- फोटो : Social Media
सचिन तेंदुलकर ने 'एक्स' पर लिखा, 'इससे राष्ट्रीय खिलाड़ियों को कभी-कभी बेसिक्स को फिर से खोजने का मौका मिलता है। अपने पूरे करियर के दौरान मुझे जब भी मौका मिला मैं मुंबई के लिए खेलने के लिए जुनूनी रहा। हमारे ड्रेसिंग रूम में लगभग सात-आठ भारतीय खिलाड़ी ऐसे थे जो मेरे साथ रणजी खेलकर आए थे और उनके साथ खेलना मजेदार अनुभव था।'
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श्रेयस और ईशान
- फोटो : BCCI
सचिन ने लिखा, 'जब भारत के खिलाड़ी अपनी घरेलू टीमों के लिए खेलते हैं, तो इससे युवाओं के खेल की क्वालिटी बढ़ती है और कभी-कभी नई प्रतिभा की पहचान होती है। यह राष्ट्रीय खिलाड़ियों को कभी-कभी बुनियादी पहलुओं को फिर से खोजने का मौका भी देता है।' 25 साल के किशन निजी कारणों से दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा छोड़कर घर लौट आए थे, लेकिन रणजी ट्रॉफी में टीम के पूरे अभियान के दौरान झारखंड के लिए नहीं खेले। इसके बजाय उन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। इसने बीसीसीआई को नाराज कर दिया था।
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सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
दूसरी तरफ इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद श्रेयस को भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था। अय्यर बड़ौदा के खिलाफ मुंबई के रणजी क्वार्टर फाइनल के लिए उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने इसके पीछे की वजह चोट को बताया था। हालांकि, बाद में एनसीए ने खुलासा किया था कि श्रेयस को कोई चोट नहीं है और वह पूरी तरह फिट हैं। इसके बाद श्रेयस कोलकाता नाइट राइडर्स के कैंप में भी दिखे थे। ऐसे में बीसीसीआई ने दोनों पर सख्त कदम उठाए। हालांकि, उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ मुंबई का रणजी सेमीफाइनल खेला था।
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सचिन तेंदुलकर और जय शाह
- फोटो : BCCI/X
तेंदुलकर का मानना है कि स्टार भारतीय खिलाड़ियों के अपने राज्य की टीमों में खेलने से घरेलू टूर्नामेंटों में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'शीर्ष पायदान के खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंटों में भाग लेंगे और ऐसे में फैंस भी अपनी घरेलू टीमों को फॉलो करना शुरू कर देंगे और उनका समर्थन करना शुरू कर देंगे। यह देखकर अच्छा लगा कि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट को समान प्राथमिकता देता है। मुंबई ने अपने 48वें रणजी ट्रॉफी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। 41 बार के चैंपियन का सामना फाइनल में विदर्भ से होगा। यह मुकाबला 10 मार्च से खेला जाएगा।