टीम इंडिया के पूर्व महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को मुंबई में आगामी होने वाले टी-20 लीग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई ने हमेशा से भारतीय क्रिकेट की अगुआई की है और आंकड़े इसके सबसे बड़े सबूत हैं।
भारतीय क्रिकेट में 'मुंबई' के योगदान को लेकर 'क्रिकेट के भगवान' ने कही दिल की बात
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इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी टी-20 मुंबई लीग की यहां काफी जरूरत थी, क्योंकि यह राज्य के युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच होगा। इस लीग के एंबेसडर तेंदुलकर ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'मेरा मानना है कि इस तरह की चीज की मुंबई क्रिकेट को जरूरत थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मुंबई ने 41 बार रणजी ट्राफी जीती, आपका इतिहास शानदार है। मुझे अब भी याद है बचपन में कामथ मेमोरियल क्लब में पदमाकर शिवलकर सर मुझे गेंदबाजी करते थे। वह तकरीबन उस समय मेरी उम्र से तीन गुना बड़े थे, लेकिन वह मुझे गेंदबाजी करते थे। इस तरह की चीजें मुंबई में ही होती हैं। यदि युवाओं को मुंबई क्रिकेट के कुछ बड़े नामों के साथ खेलने का मौका मिलेगा तो यह अच्छा होगा। उन्हें सीखने को मिलेगा और इसे लेकर मैं उत्सुक हूं।'
गौरतलब है कि मुंबई ने तेंदुलकर के अलावा अजित वाडेकर, सुनील गावस्कर, चंद्रकांत पंडित, दिलीप वेंगसरकर, संजय मांजरेकर, प्रवीण आमरे, विनोद कांबली से लेकर रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर और शार्दुल ठाकुर जैसे इंटरनेशनल क्रिकेटर टीम इंडिया को दिए। टी-20 मुंबई लीग का आयोजन 11 से 21 मार्च तक एतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में किया जाएगा।
इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि मुंबई क्रिकेट में कई ऐसे क्रिकेटर भी थे जो राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके क्योंकि कोई स्थान उपलब्ध नहीं था। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि मुंबई क्रिकेट में कई ऐसे नाम थे जिन्हें भारत के लिए खेलना चाहिए था लेकिन उस समय उनके लिए स्थान उपलब्ध नहीं था। लेकिन वे काफी अच्छे थे और उन्हें भारत के लिए खेलना चाहिए था। इसी तरह कई क्लब क्रिकेटरों को रणजी खेलना चाहिए था लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जब इंडियन प्रीमियर लीग शुरू हुई थी तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह इतनी बड़ी लीग बनेगी।'