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कप्तान सचिन तेंदुलकर ने जो किया, वो दोबारा नहीं कर पाए
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 07 Nov 2016 10:22 AM IST
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
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सचिन तेंदुलकर ने बल्लेबाज के रूप में जो रिकॉर्ड कायम किए शायद ही उसे कोई तोड़ पाए। सबसे ज्यादा 200 टेस्ट मैच, टेस्ट में सबसे ज्यादा 15,921 रन, सबसे ज्यादा 51 शतक और 68 अर्द्धशतक जमाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। लेकिन बतौर कप्तान वो इतने सफल नहीं हुए।
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : asas
कप्तान के रूप में पहले मैच में शतक, लेकिन भारत मैच हारा
साल 1996 में सिंगर वर्ल्ड सीरीज के लिए सचिन तेंदुलकर को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया। इस सीरीज में श्रीलंका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और ज़िम्बाब्वे ने भाग लिया। कप्तान के रूप में सचिन ने अपने पहले मैच में शतक ज़रूर मारा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में भारत को 9 विकेट से हार मिली।
सचिन की कप्तानी में भारत अपनी पहली सीरीज में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था. फिर उनकी कप्तानी में पाकिस्तान के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारत ने कनाडा का दौरा किया। यह सीरीज भी भारत 3-2 से हार गया था।
साल 1996 में सिंगर वर्ल्ड सीरीज के लिए सचिन तेंदुलकर को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया। इस सीरीज में श्रीलंका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और ज़िम्बाब्वे ने भाग लिया। कप्तान के रूप में सचिन ने अपने पहले मैच में शतक ज़रूर मारा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में भारत को 9 विकेट से हार मिली।
सचिन की कप्तानी में भारत अपनी पहली सीरीज में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था. फिर उनकी कप्तानी में पाकिस्तान के खिलाफ पांच एक-दिवसीय मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारत ने कनाडा का दौरा किया। यह सीरीज भी भारत 3-2 से हार गया था।
Sachin Tendulkar
टाइटन कप में जो हुआ, वो सचिन की कप्तानी में दोबारा नहीं हो पाया
सचिन की कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे। भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच भारत में टाइटन कप हुआ, जो कप्तान सचिन की असली परीक्षा थी। सचिन की कप्तानी में यह भारत में पहली सीरीज थी। भारत अपना पहला मैच साउथ अफ्रीका से 47 रन से हार गया। फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने दूसरे मैच में सिर्फ दो विकेट से जीत हासिल कर पाया था। जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले ने 52 रन जोड़कर टीम को जीत दिलाई। इस मैच में सचिन ने 88 रन बनाए।
सचिन की कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे। भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच भारत में टाइटन कप हुआ, जो कप्तान सचिन की असली परीक्षा थी। सचिन की कप्तानी में यह भारत में पहली सीरीज थी। भारत अपना पहला मैच साउथ अफ्रीका से 47 रन से हार गया। फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने दूसरे मैच में सिर्फ दो विकेट से जीत हासिल कर पाया था। जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले ने 52 रन जोड़कर टीम को जीत दिलाई। इस मैच में सचिन ने 88 रन बनाए।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : ESPN
सचिन के कप्तानी में जब भारत ने अपना पहला कप जीता
इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने सबसे खराब प्रदर्शन किया था और एक भी मैच नहीं जीत पाया और भारत और साउथ अफ्रीका फाइनल में पहुंचे थे। 6 नवंबर 1996 को मुम्बई के वानखड़े स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सिर्फ 220 रन बनाए। कप्तान सचिन तेंदुलकर ने सबसे ज्यादा 66 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम सिर्फ 185 रन पर ऑल आउट हो गई। अनिल कुंबले ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए चार विकेट हासिल किए। सचिन की कप्तानी में भारत ने टाइटन कप जीता था।
इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने सबसे खराब प्रदर्शन किया था और एक भी मैच नहीं जीत पाया और भारत और साउथ अफ्रीका फाइनल में पहुंचे थे। 6 नवंबर 1996 को मुम्बई के वानखड़े स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सिर्फ 220 रन बनाए। कप्तान सचिन तेंदुलकर ने सबसे ज्यादा 66 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम सिर्फ 185 रन पर ऑल आउट हो गई। अनिल कुंबले ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए चार विकेट हासिल किए। सचिन की कप्तानी में भारत ने टाइटन कप जीता था।
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कप्तान सचिन तेंदुलकर ने जो किया, वो दोबारा नहीं कर पाए
Sachin Tendulkar
सचिन की कप्तानी में ऐसा दोबारा नहीं हो पाया
सचिन की कप्तानी में यह भारत का पहला और आखिरी कप था जिसमें दो से ज्यादा टीमों ने भाग लिया हो। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत कभी कप नहीं जीत पाया जिसमें दो से ज्यादा टीम हिस्सा लिए हो। जनवरी 1997 में भारत, साउथ अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे के बीच हुई ट्राई-सीरीज में भारत फाइनल में ज़रूर पहुंचा, लेकिन जीत साउथ अफ्रीका के हाथ लगी।
फिर मई, 1997 में भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के बीच हुई पेप्सी इंडिपेंडेंस कप में भारत सिर्फ एक मैच जीत पाया था। जुलाई 1997 में श्रीलंका में हुई एशिया कप में भारत सचिन की कप्तानी में फाइनल में पहुंचा लेकिन 26 जुलाई को कोलंबो में खेले गए फाइनल मैच में श्रीलंका से 8 विकेट से हार गया। फिर दिसम्बर 1997 अकाई सिंगर चैंपियंस ट्रॉफी में भारत एक भी मैच नहीं जीत पाया था।
सचिन की कप्तानी में यह भारत का पहला और आखिरी कप था जिसमें दो से ज्यादा टीमों ने भाग लिया हो। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत कभी कप नहीं जीत पाया जिसमें दो से ज्यादा टीम हिस्सा लिए हो। जनवरी 1997 में भारत, साउथ अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे के बीच हुई ट्राई-सीरीज में भारत फाइनल में ज़रूर पहुंचा, लेकिन जीत साउथ अफ्रीका के हाथ लगी।
फिर मई, 1997 में भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के बीच हुई पेप्सी इंडिपेंडेंस कप में भारत सिर्फ एक मैच जीत पाया था। जुलाई 1997 में श्रीलंका में हुई एशिया कप में भारत सचिन की कप्तानी में फाइनल में पहुंचा लेकिन 26 जुलाई को कोलंबो में खेले गए फाइनल मैच में श्रीलंका से 8 विकेट से हार गया। फिर दिसम्बर 1997 अकाई सिंगर चैंपियंस ट्रॉफी में भारत एक भी मैच नहीं जीत पाया था।