20 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को आखिर उनके शानदार प्रदर्शन का सिला भारत के लिए मौजूदा सीरीज के शनिवार को शुरू ट्रेंट ब्रिज में तीसरे टेस्ट के लिए टीम में जगह के रूप में मिला। रूड़की के बाशिंदे दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी सहित फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पिछले सीजन में झंडे गाड़ने वाले ऋषभ पंत बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।
ऋषभ पंत को बल्लेबाजी से पहले कोच ने दिया गुरुमंत्र, अंग्रेजों पर बोल सकते हैं बड़ा हमला
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अपने डेब्यू टेस्ट में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ऋषभ पंत ने दूसरी ही गेंद पर अपने मंसूबे साफ कर दिए। पंत ने स्पिन गेंदबाज आदिल राशिद की घूमती गेंद पर कदमों को बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए जबर्दस्त छक्का जड़ा। अब तक 32 गेंदों का सामना कर चुके ऋषभ एक झक्के और दो चौकों की मदद से 22 रन का योगदान दे चुके हैं।
ऋषभ के क्रिकेट उस्ताद तारक सिन्हा अपने शागिर्द के भारत की टेस्ट टीम में जगह पाने से बेहद प्रसन्न हैं। ऋषभ की बाबत तारक सिन्हा ने 'अमर उजाला' से शनिवार को यहां कहा, 'मैं बेहद खुश हूं ऋषभ पंत को आखिर मात्र 20 बरस की उम्र में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिल गया। टेस्ट क्रिकेट में कामयाब होने के लिए मजबूत दिल वाला खिलाड़ी चाहिए और ऋषभ पंत ऐसे ही हैं।
उन्होंने कहा, 'टेस्ट में कामयाब होने के लिए साथ ही अच्छी तकनीक और शुरुआती हड़बड़ी से बचने की जरूरत है। मेरा ऋषभ पंत को बस गुरु मंत्र बस यही है कि एक बार पिच पर उतरने के बाद पूरा समय लेकर पिच के मिजाज को पढ़ कर खेलें। बस इसी बात का ध्यान ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिले को भुनाने के लिए रखना होगा।
उन्होंने कहा, 'कोई भी क्रिकेट उस्ताद अपने शागिर्द को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करता है क्योंकि हर लिहाज से यही असल क्रिकेट है। मैंने ऋषभ पंत को भी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार किया भी है। टेस्ट क्रिकेट ही दरअसल क्रिकेटर का सबसे बड़ा इम्तिहान है। जो टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करता है उसे ही दुनिया असल क्रिकेटर मानती है। टीम इंडिया के लिए टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे टेस्ट खेलने के मौके को ऋषभ को भुनाना चाहिए। अभी तो हालांकि ऋषभ पंत का आगाज है फिर भी मुझे उनके टेस्ट क्रिकेट में कामयाब होने का पूरा विश्वास है।
वह कहते हैं, 'ऋषभ ने भारत 'ए' के लिए इंग्लैंड में पिछले करीब डेढ़ दो महीने में खेल कर अच्छा प्रदर्शन किया है। वह इंग्लैंड की पिचों के मिजाज से वाकिफ हो चुके हैं। ऐसे में वह अब भारत के लिए टेस्ट सीरीज में जरूर कामयाब होंगे। मेरा मानना है कि उनको इंग्लैंड ए के खिलाफ सीरीज में खेलने का लाभ जरूर मिलेगा।'
उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि ऋषभ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले मेरे नौंवे शागिर्द बन गए हैं। ऋषभ पंत से पहले रमण लांबा, मनोज प्रभाकर, अतुल वासन, संजीव शर्मा, अजय शर्मा, आकाश चोपड़ा, आशीष नेहरा और शिखर धवन जैसे मेरे आठ शागिर्द भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं। मेरे इन शागिर्दों में ज्यादातर ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए अपने और देश के लिए नाम कमाया है।'