एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय चयन समिति विवादों के घेरे में अटकी हुई है, क्योंकि हाल ही में टीम इंडिया के क्रिकेटर्स मुरली विजय और करुण नायर ने टीम प्रबंधन से संवाद की कमी का दावा किया था। विजय को इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था जबकि नायर को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मौका नहीं मिला।
इस विवाद में अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर सैयद किरमानी ने अपने विचार प्रकट किए हैं। किरमानी ने कहा कि मौजूदा चयन समिति में कोई इतना बहादुर नहीं है जो कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को चुनौती दे सके।
मुरली विजय और करुण नायर दोनों ने टीम से बाहर होने के बाद पब्लिक के बीच आकर कुछ विवादित बयान दिए। पूर्व क्रिकेटर्स ने भी नायर के बाहर होने पर हमदर्दी जताई और कहा कि विंडीज के खिलाफ उन्हें टेस्ट सीरीज में मौका मिलना चाहिए था। मगर चयनकर्ताओं ने उन्हें बिना कोई कारण बताए टीम से बाहर कर दिया और हनुमा विहारी को मिडिल ऑर्डर के लिए टीम में शामिल कर लिया।
किरमानी का आरोप है कि मौजूदा चयन समिति में अनुभव की कमी है, जो भारतीय कप्तान और कोच को चुनौती दे सके। उन्होंने यह भी कहा कि रवि शास्त्री ही प्रमुख चयनकर्ता हैं और उनके फैसले को कोई रोक नहीं सकता। इकॉनोमिक टाइम्स से बातचीत में किरमानी ने कहा, 'अगर आप मुझसे पूछे तो रवि शास्त्री प्रमुख चयनकर्ता हैं क्योंकि वह कोच हैं। वह कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों के साथ मिलकर विचार करते हैं और फिर जिस खिलाड़ी को टीम में चाहते हैं, उसे शामिल करते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मौजूदा चयन समिति पूरे सम्मान के साथ कहता हूं कि शास्त्री और कोहली के सामने अनुभवहीन हैं। टीम प्रबंधन की बात चयन समिति मान लेती है क्योंकि वह शास्त्री और कोहली से विचार-विमर्श नहीं कर सकती, जिन्हें ज्यादा अनुभव हैं।'