पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच चल रहे तीन टी-20 मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच रविवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में शाम 8 बजे से खेला जाएगा। गौरतलब है कि 2009 के बाद से किसी अंतर्राष्ट्रीय टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हां, जिम्बाब्वे ने जरूर 2015 में पाकिस्तान का दौरा किया था, लेकिन इसे आधिकारिक सीरीज का दर्जा प्राप्त नहीं था।
आठ साल बाद आज लाहौर में फिर से गुलजार होगा क्रिकेट, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त
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बता दें कि 2009 में लाहौर में स्टेडियम जाते समय श्रीलंका क्रिकेट टीम पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस हादसे के बाद बाकी के सभी देशों ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया था। यूएई के दौरे पर श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट, पांच वन-डे और तीन टी-20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेलनी थी, जिसमें सारे मैच हो चुका है। और आखिरी टी-20 रविवार को लाहौर में होना है।
साल 2009 में आतंकवादी हमला झेल चुकी श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी और कप्तान दिनेश चांदीमल ने इससे पहले कहा था कि लाहौर जाने के लिये खिलाड़ी आपस में फैसला करेंगे। वहीं, श्रीलंका बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एशले डी सिल्वा ने भी कहा था कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बाद ही श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तान भेजी जाएगी।
बता दें कि इस मैच को लेकर गद्दाफी स्टेडियम के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पाकिस्तानी सैनिक इस मैच को लेकर चप्पे-चप्पे पर तैनात है। जानकारी के मुताबिक इस बार सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरती गई है। पाकिस्तान के टूर पर इस बार श्रीलंका के खेल मंत्री दयासिरी जयसेकरा और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के अध्यक्ष थिलंगा सुमाथिपला भी दौरे पर हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच पांच वन-डे मैचों की सीरीज में पाकिस्तान श्रीलंका को पहले ही 5-0 से क्लीन स्वीप कर चुकी है। वहीं, 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका ने बाजी मारी और पाकिस्तान को 2-0 से मात दी और सीरीज पर कब्जा किया।