इस बात में किसी को कोई संदेह नहीं कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी भारतीय टीम के सबसे ज्यादा प्रेरित करने वाले कप्तान रहे हैं। धोनी अब भले ही कप्तान न हों लेकिन युवाओं को मेंटॉर सीखाते में वह अभी भी एक्टिव हैं। जब धोनी ने सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ी थी और फिर विराट कोहली को टीम इंडिया की कमान सौंपी गई थी, तो उन्होंने ट्वीट कर लिखा था, 'आप हमेशा मेरे कप्तान रहोगे।'
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कुलदीप, चहल
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युजवेंद्र चहल ने एक इंटरव्यू में धोनी की खूबियों पर बात करते हुए उन्हें समस्या को हल करने वाला बताया। चहल ने बताया कि मेरे पास ऐसे ढेरों उदाहरण हैं, जब मैच के दौरान उन्होंने हमें सही बॉलिंग करने की बात बताई और हमें विकेट हासिल हुए। ऐसे ढेरों उदाहरण हैं, जब मैच के दौरान उन्होंने हमें सही बॉलिंग करने की बात बताई और हमें विकेट हासिल हुए।
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कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल
- फोटो : पीटीआई
भारत ने एमएस धोनी के रूप में सर्वश्रेष्ठ और महान खिलाड़ी दिया है। उन्होंने मेरी और कुलदीप की कई मैचों के दौरान मदद की है। कभी-कभी बल्लेबाज मेरे खिलाफ बाउंड्री मार रहे होते हैं और फिर वह (धोनी) मेरे पास आते हैं और मेरे कंधे पर हाथ रखकर मुझे कहते हैं 'इसको गुगली डाल, ये नहीं खेल पाएगा।' उनके द्वारा मिलने वाली टिप्स टीम के बहुत काम आती हैं।
इस लेग स्पिनर ने बताया, 'ऐसा कई बार हुआ है। साउथ अफ्रीका ही ले लीजिए, जहां मैंने पहली बार 5 विकेट हासिल किए। जेपी डुमिनी उस समय बैटिंग कर रहे थे। मैं उन्हें आउट करना चाहता था। माही भाई आए और उन्होंने कहा, 'इसको सीधा स्टंप टू स्टंप डाल।' वह वापस स्टंप्स पर गए और उन्होंने वहां से फिर चिल्ला कर कहा, 'तिल्ली, इसको डंडे पे ही रखना।' मैंने उनकी बात मानी और डुमिनी ने स्वीप करने की कोशिश की और वह LBW आउट हो गए।' चहल ने भारत के लिए 52 वन-डे और 42 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं।