भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी सोमवार को 44 साल के हो गए। धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप और चैंपियन्स ट्रॉफी, तीनों खिताब जीते हैं। धोनी की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम 18 महीने तक दुनिया की नंबर एक टीम भी रही। पिछले महीने धोनी को 2025 के आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
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धोनी
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धोनी ने सबसे पहले टिकट कलेक्टर की नौकरी ज्वाइन की थी। रेलवे की तरफ से खेलते हुए उनका चयन घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए हुआ जहां धोनी ने चयनकर्ताओं को खासा प्रभावित किया। भारतीय क्रिकेट में जगह मिलने के बाद पहला टी-20 विश्वकप जिताते ही धोनी को नई पहचान मिली। फिर उन्होंने 2011 में भारत को वनडे विश्व चैंपियन भी बनाया और 2013 में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती।
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विराट कोहली, रोहित शर्मा और धोनी
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धोनी ने लगभग पांच साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था, लेकिन लगातार घुटने की चोट से परेशान रहने के बावजूद आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेल रहे हैं। इस साल के आईपीएल में धोनी ने अधिकांश समय सुपरकिंग्स के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ की जगह जिम्मेदारी संभाली क्योंकि वह कोहनी की चोट के कारण बाहर हो गए थे। उनकी अगुआई में टीम ने सत्र के अंत में कुछ प्रभावशाली जीत दर्ज की।
पिछले कुछ वर्षों में धोनी की आक्रामक बल्लेबाजी की धार भी कुछ कुंद हुई है। धोनी ने कुछ मैच में आठवें क्रम में भी बल्लेबाजी की लेकिन क्षमता में गिरावट के बावजूद इस सुपरस्टार के प्रशंसकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है और आईपीएल के दो महीने के दौरान वह जहां भी खेले वहां स्टेडियम खचाखच भरा रहा। सुपरकिंग्स ने अपने पांचों आईपीएल खिताब धोनी के नेतृत्व में जीते और फ्रेंचाइजी 2026 सत्र में एक बार फिर अपने थाला की वापसी की उम्मीद कर रही है। धोनी ने हालांकि ऐसा कोई वादा नहीं किया है।
धोनी ने कहा था, 'यह निर्भर करता है। मैं फिर से यही कहूंगा कि मेरे पास निर्णय लेने के लिए चार-पांच महीने का समय है, मुझे यह तय करने की कोई जल्दी नहीं है कि क्या करना है। हर साल शरीर को फिट रखने के लिए 15 प्रतिशत अधिक प्रयास करना पड़ता है- यह मत भूलिए कि यह शीर्ष स्तर का क्रिकेट है। यह पेशेवर क्रिकेट है, आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है और हमेशा प्रदर्शन ही मायने नहीं रखता है क्योंकि अगर क्रिकेटर प्रदर्शन के कारण संन्यास लेना शुरू कर देते हैं तो उनमें से कुछ 22 साल की उम्र में ही संन्यास ले लेंगे।'