पाक कप्तान मिस्बाह-उल-हक क्रिकेट में देरी से जरूर आए लेकिन बढ़ती उम्र के बावजूद वह मिल रहे मौकों को भुनाने का मौका नहीं गंवा रहे हैं। ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड्स भी अपने नाम कर लिए। वह टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे बुजुर्ग और 21वीं सदी में टेस्ट शतक लगाने वाले सबसे बुजुर्ग बल्लेबाज बन गए हैं।
21वीं सदी के सबसे बुजुर्ग शतकवीर बने मिस्बाह-उल-हक
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Misbah-ul-Haq
- फोटो : Getty
मिस्बाह-उल-हक को करीब एक दशक लंबे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाले लॉर्ड्स में खेलने का चांस मिला और अपने पहले ही मैच में शतक ठोंक दिया और वह भी तब जब टीम संकट में घिरती दिख रही थी। इस शतक ने रिकॉर्ड बुक में काफी बदलाव करने को मजबूर कर दिया।
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मिस्बाह-उल-हक ने बतौर कप्तान जिस उम्र में शतक लगाया है उससे पहले कोई भी बल्लेबाज टेस्ट में शतक नहीं लगा सका है। मिस्बाह के बल्ले से 42 साल, 47 दिन की उम्र में शतक निकला जो टेस्ट में बतौर कप्तान सबसे बुजुर्ग बल्लेबाज का शतक है।
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पाक कप्तान से पहले टेस्ट में बतौर कप्तान शतक लगाने वाले बुजुर्ग कप्तान थे ऑस्ट्रेलिया के बॉब सिम्पसन जिन्होंने 1977-78 में एडिलेड में टीम इंडिया के खिलाफ शतक लगाया था।
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पाक के इस धुरंधर बल्लेबाज के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि 40 के पार उन्होंने 5 शतक लगाए हैं और वह भी कप्तान रहते हुए। उनसे पहले यह उपलब्धि किसी और क्रिकेटर के नाम दर्ज नहीं हो सकी। मिस्बाह से पहले 40 के पार पहुंचकर बतौर कप्तान 3 से ज्यादा शतक कोई बल्लेबाज नहीं लगा सका है।