टीम इंडिया में चयनित नहीं होने पर यह गेंदबाज काफी निराश हो गया था। इसके बाद उसने खुदकुशी करने का मन बना लिया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आखिरकार बाद में उसे सफलता मिली और वह आज टीम इंडिया का स्टार गेंदबाज बन गया।
कुलदीप यादव आज टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गए हैं। ऐसी सफलता के लिए यादव ने कठिन परिश्रम किया है। निराशा के दौर के बाद सच्ची लगन ने आखिरकार उन्हें एक बेहतरीन गेंदबाज बनाया। नतीजन यादव आज सभी फार्मेट में देश की ओर से खेलते हैं। अपने इस सफर की याद ताजा करते हुए कुलदीप ने कहा कि एक ऐसा दौर भी आया था जब टीम में चयन नहीं होने की वजह से वह निराश हो गए थे।
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कुलदीप यादव और भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : BCCI
अंडर-15 टीम में जब 13 साल के कुलदीप यादव को जगह नहीं मिली तो उन्होंने निराश होकर खुदकुशी करने की सोच ली। कुलदीप यह भी सोचने लगे कि अब वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेलेंगे। दरअसल कुलदीप ने काफी मेहनत की थी। लेकिन उन्हें चयनित नहीं किया गया। इससे वह निराश हो गए थे।
कुलदीप ने कहा कि स्कूल में वह क्रिकेट खेलते जरूर थे। लेकिन उन्होंने अपने लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया था। बस एन्जाय के लिए क्रिकेट खेला करते थे। पर उनके पिता चाहते थे कि वह आगे बढ़ें और क्रिकेट में ही करियर बनाएं। लिहाजा पिता ने ही कुलदीप को कोच के पास भेजा।
कुलदीप पहले एक तेज गेंदबाज बनने की ख्वाहिश रखते थे। लेकिन उनके कोच ने उन्हें बताया कि वह तेज गेंदबाज की बजाय एक श्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी की स्टाइल बदली।