कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) में हुए फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार एक सट्टेबाज ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केपीएल में खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग में शामिल करने के आरोप में गिरफ्तार हुए संयम गुलाटी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। संयम ने कहा है कि यह सब उसने बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के एक अधिकारी के कहने पर किया था।
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Sayyam
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संयम ने लिखित तौर पर यह बयान दिया और कहा कि बोर्ड के एसीयू को इस बारे में जानकारी थी। संयम ने कहा कि एसीयू के मैनेजर अंशुमान उपाध्याय के प्रतिनिधि के तौर पर ही मैंने मैच फिक्सिंग के आरोपी भावेश गुलेचा के खिलाफ सुबूत जुटाने के लिए उसे 75 हजार रुपये दिए थे।
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Karnataka Premier League
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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक हरियाणा के संयम गुलाटी को सीबीआई ने नौ नवंबर को गिरफ्तार किया था। गुलाटी ने दावा किया है कि वह केपीएल के खिलाड़ियों से मैच फिक्सिंग को लेकर बात कर रहे हैं, इस बात की पूरी जानकारी एसीयू के मैनेजर अंशुमान उपाध्याय को थी। खुद को बिजनेसमैन बताने वाले संयम गुलाटी ने आगे बताया है कि जुलाई 2018 में मैं तमिलनाडु प्रीमियर लीग का मैच देखने चेन्नई आया था। यहां मुझे पता चला कि लीग में ऑनलाइन सट्टेबाजी चल रही है और मैदान की जानकारी बुकीज तक पहुंचाई जा रही है।
संयम ने कहा कि मैंने तमिलनाडु पुलिस के एडीजीपी को ईमेल लिखकर कार्रवाई करने के लिए कहा था। इसी दौरान मेरी मुलाकात अंशुमान उपाध्याय से हुई। मैंने उन्हें भी मैदान से बुकीज तक पहुंचाई जा रही जानकारी के मामले के बारे में बताया था। अंशुमान ने मुझे भरोसा दिलाया था कि अगर कोई भी खिलाड़ी इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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Match Fixing
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संयम गुलाटी के द्वारा बीसीसीआई के अधिकारी पर लगाए आरोप और उसके बयान को बंगलुरु पुलिस ने खारिज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक गुलाटी खिलाड़ियों से यह कहकर मिलता था कि वह बीसीसीआई के एंटी करप्शन यूनिट से जुड़ा है। इसकी वजह से लोग उस पर भरोसा करते थे। संयम अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाज है और वेस्टइंडीज में छिपा हुआ था। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।